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MP News: सरकारी डॉक्टर्स के आन्दोलन का दूसरा दिन, काम बंद हड़ताल शुरू, कल से पूरी तरह काम बंद

Tue, 02 May 2023 01:13 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मंगलवार को डॉक्टर्स अपने अपने कार्यस्थल पर दो घंटे धरने पर बैठे। उन्होंने ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। डॉक्टर्स ने सरकार को आज का पूरा दिन उनकी मांगों पर निर्णय लेने के लिए दिया गया है।
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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दो घंटे धरने पर बैठे डॉक्टर्स - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के सरकारी डॉक्टर्स के आंदोलन के दूसरे दिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को डॉक्टर्स ने काली पट्टी बांधकर काम किया। मंगलवार को सुबह 11 बजे से 1 बजे तक डॉक्टर्स ने काम नहीं किया। बुधवार से डॉक्टर्स अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे।
 
मंगलवार को डॉक्टर्स अपने अपने कार्यस्थल पर दो घंटे धरने पर बैठे। उन्होंने ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। डॉक्टर्स ने सरकार को आज का पूरा दिन उनकी मांगों पर निर्णय लेने के लिए दिया गया है। इसके बाद भी डॉक्टर्स उनकी मांगों को पूरा करने की कार्रवाई नहीं करते है तो बुधवार से हड़ताल पर चले जाएंगे।
 
 
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जेपी अस्पताल के डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
हड़ताल में प्रदेश भर के 10 हजार डॉक्टर्स समेत 3300 जूनियर डॉक्टर्स, 1400 एनएचएम संविदा डॉक्टर्स और 1050 बोंडेड डॉक्टर्स आंदोलन में शामिल हुए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मध्य प्रदेश चिकित्सा महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि अब वे आश्वासन के भरोसे अब अपना निर्णय वापस नहीं लेंगे।
  
बता दें, डॉक्टर समयबद्ध पदोन्नति, प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप को कम करने समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे पहले भी फरवरी माह में डॉक्टर हड़ताल पर गए थे। इसके बाद सरकार के आश्वासन पर काम पर लौट आए थे। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया।


 
पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अपना अमूल्य योगदान देने वाले एवं कोरोनाकाल में अपने प्राणों की चिंता किए बिना प्रदेश की जनता का उपचार और टीकाकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हमारे शासकीय चिकित्सक और संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि अविलंब हड़ताल कर रहे शासकीय चिकित्सकों और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद स्थापित कर उनकी मांगो के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलें और आम जनता एवं गंभीर मरीजों को असुविधा ना हो।
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