कैलाश खत्री के घर से 71 लाख 69 हजार रुपए हो गए
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भोपाल के अशोका गार्डन के एक घर से पुलिस ने गुरुवार की रात छापा मारा। यहां से पुलिस ने करीब 32 लाख कटे-फटे, पुराने और नए नोट बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक मनी एक्सचेंज का काम करता था। उसके पास से एक लेटर मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने किसी तरह का पत्र मिलने से इनकार किया है। डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया कि मामले में एडीसीपी जोन-1 रश्मि अग्रवाल दुबे के निर्देशन में एक टीम अन्य एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। टीम ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात कारोबारी के बैरागढ़ स्थित एक अन्य ठिकाने पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने नोटों से भरे 6 और बैग बरामद किए हैं। इन बैग से 40 लाख 11 हजार चार सौ रुपए और बरामद किए गए हैं। जिस मकान में दबिश देकर रकम बरामद की गई है, वह कारोबारी कैलाश खत्री की बहन बताई जा रही है। इस प्रकार बरामद कुल रकम 71 लाख 69 हजार 473 रुपए हो गई है।
पुलिस पर लगे थे बैग ले जाने के आरोप
शुक्रवार को कार्रवाई के बाद अशोका गार्डन की तत्कालीन थाना प्रभारी वंदना लकड़ा को निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि उन्होंने अधिकारियों को सूचना दिए बगैर ही कार्रवाई थी। शनिवार को इस मामले में थाने के चार अन्य पुलिसकर्मियों को भी लाइन अटैच कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस पर नोटों से भरे बैग अज्ञात स्थान पर ले जाने के आरोप लगे थे।
भाई ले गया था नोटों से भरे बैग
कैलाश खत्री का भाई अनिल खत्री कार्रवाई के तत्काल बाद नोटों से भरे बैग लेकर भागा था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। 50 से अधिक कैमरों के फुटेज चेक कर पुलिस ने पाया कि अनिल बैग पहले पंजाबी बाग के एक घर में लेकर गया। इसके बाद वह इन्ही बैग को बैरागढ़ में रहने वाली अपनी बहन के घर छिपा आया था। इन बैग को पुलिस ने अब बरामद किया है। माकेज़्ट में कारोबारी के दलाल सक्रिय हैं। कैलाश के दलाल शहर के सभी प्रमुख माकेज़्ट में सक्रिय हैं। वह दलालों को नोट एक्सचेंज कराने वाले ग्राहक लाने के एवज में कमीशन दिया करता था। उसने पुलिस को बताया कि 18 सालों से यही काम कर रहा है। मामले में आगे की जांच आयकर विभाग करेगा। पुलिस ने आईटी को सूचना दे दी है।
क्या है पूरा मामला
कैलाश खत्री (38) पंथ नगर अशोका गार्डन में स्वयं के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। मुखबिर की सूचना के आधार पर गुरुवार को उनके घर दबिश दी गई। उनके घर 31 लाख 87 हजार 73 रुपए मिले। इसमें पांच, दस, बीस, पचास और सौ रुपए के कटे-फटे और पुराने व नए नोट हैं। कैलाश ने पुलिस को बताया कि वह 2006 से मनी एक्सचेंज का काम कर रहा है। पुलिस को दिए बयानों में कैलाश ने बताया कि वह पुराने कटे-फटे नोट एक्सचेंज करने का काम करता है। फटे नोट एक्सचेंज कराने पर एक लाख रुपए के बदले 75 हजार रुपए लौटाया करता था। आरबीआई ने वषज़् 2015 में पीएनबी को पत्र लिखा था, जिसमें कैलाश को फटे-पुराने नोट लेकर बैंक में जमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। कैलाश ने बताया कि कुछ समय से बैंक ने यह नोट लेना बंद कर दिए। इसके बाद वह इन्हें मुंबई और आगरा में जाकर बेचने लगा। हालांकि पत्र मिलने की बात से पुलिस ने इनकार किया है।