फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: पीसीसी चीफ कमलनाथ बोले- मैं घोषणा मशीन नहीं हूं, मैं क्रियान्वयन में विश्वास करता हूं

Sun, 14 May 2023 10:34 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कमलनाथ ने वीर तेजाजी महाराज की जय बोलकर अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि आज हम अपने समाज की बात तो करते हैं, पर हमें देश के बारे में भी सोचना है।
विज्ञापन
पीसीसी चीफ कमलनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जाट समाज जागरूक समाज है और यह वीरों का समाज है। मैं आपके बीच आना चाहता था, इसलिए अभी मैं एक कार्यक्रम को छोड़कर आपके बीच में आया हूं। उक्त बातें रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल  में आयोजित जाट महाकुंभ में कही। कमलनाथ ने वीर तेजाजी महाराज की जय बोलकर अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि आज हम अपने समाज की बात तो करते हैं, पर हमें देश के बारे में भी सोचना है। उन्होंने सीएम शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि मैं घोषणा मशीन नहीं हूं, मैं क्रियान्वयन पर यकीन करता हूं। 
विज्ञापन


इससे पहले कमलनाथ के सामने जाट समाज ने इस महाकुंभ के संबंध में जाट समाज का मांग पत्र भी प्रस्तुत किया। इसके जवाब में कमलनाथ ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मांगें रखी, मैंने आपकी मांगें सुनी कमलनाथ तो घोषणा मशीन नहीं है, मैं तो घोषणा नहीं करता, मैं क्रियान्वयन में विश्वास करता हूं और अगला जब आपका सम्मेलन होगा तो मैं आपको हिसाब दूंगा। घोषणा करना तो बहुत आसान है मैंने जैसे कहा कि मैं घोषणा मशीन नहीं बनना चाहता, मैं जो हूं सो हूं। 

कमलनाथ ने कहा कि आज भारी संख्या में हमारे नौजवान यहां हैं, मैं नौजवानों से पूछना चाहता हूं, आज विश्व में ऐसा कोई देश है, जहां इतने धर्म हैं, जहां इतनी जातियां हैं, जहां इतनी भाषाएं है, इतने देवी देवता हैं। विश्व में कोई ऐसा देश नहीं है, जहां इतने त्यौहार हुए हैं। हम यहां से दक्षिण जाते हैं तो हमारा पजामा और धोती भी लूंगी बन जाता है। यह हमारा देश है। अपना देश एक झंडे के नीचे खड़ा है तो इसलिए खड़ा है कि हमारे देश की संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है। हम दिल जोड़ते हैं, रिश्ता जोड़ते हैं। आपके गांव में कितने धर्म के कितनी जातियों के लोग रहते हैं यही भाईचारा है और यही अपने देश की संस्कृति है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें