मध्य प्रदेश कैडर के 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा ने सरकार को वीआरएस के लिए आवेदन दिया था। जिसे सरकार ने उनके खिलाफ दो विभागीय जांच जारी होने के चलते अमान्य कर दिया है। इस संबंध में गृह विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किया है।
वरिष्ठ आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा ने योग्यता के अनुसार पोस्टिंग नहीं मिलने के कारण वीआरएस की मांग की थी। इसके लिए उनके द्वारा 31 मई 2023 को आवेदन दिया था। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने पुरुषोत्तम शर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई को निरस्त किया था। पुरुषोत्तम शर्मा का पत्नी की पिटाई करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो पर संज्ञान लेकर सरकार ने सितंबर 2020 में उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद शर्मा ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी। जहां से मई 2022 में उनको बहाल करने के आदेश हुए थे। इस आदेश के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। इसकी सुनवाई में शर्मा ने बताया कि उनके निलंबन को बिना नियमों के लगातार बढ़ाया जा रहा है।