गोरखपुर की गीता प्रेस को साल 2021 का गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस पर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। सीएम शिवराज, पूर्व सीएम उमा भारती और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का बयान सामने आया है। दिग्विजय सिंह से ने कहा कि गांधी के विचारों का विरोध करने वाले को गांधी पीस प्राइस दें, यह ज्यूरी पर निर्भर है।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गीता प्रेस देश की सबसे पुरानी प्रेस है। उस समय वह महात्मा गांधी के विचारों से सहमत नहीं थे। इस बात का उल्लेख जयराम रमेश जी ने किया है। अब गांधी पीस प्राइस उस प्रेस को दी जाए, जिसने गांधीजी की विचारधारा का विरोध किया है। यह तो ज्यूरी पर ही निर्भर करता है।
सीहोर में दो पार्कों का नाम कार्तिकेय और कुणाल रखने पर भी दिग्विजय सिंह ने तंज कसा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू से बढ़कर कार्तिकेय हो गए है। यह गजब हो है कि कार्तिकेय पंडित जवाहर लाल नेहरू से बड़े नेता हो गए है। बता दें कांग्रेस ने बुदनी में दो पार्क के नाम बदलने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि पार्क का नाम पहले नेहरू पार्क था, जिसका नाम बदलकर कार्तिकेय किया गया। इस तरह एक अन्य पार्क का नाम बदलकर कुणाल किया गया।