प्रदेश में संचालित परिवहन चेकपोस्टों पर आवागमन को सुगम और सरल बनाने को लेकर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार परिवहन चेक पोस्ट पर गुजरात मॉडल लागू करने जा रही है। इसमें चेकिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मंगलवार को परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अवैध वसूली को रोकने के लिए चेक पोस्ट को डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसमें पूरी प्रक्रिया को ट्रांसपेरेंट होगी। यहां पर आधुनिक पीओएस मशीन से चालानी कार्रवाई की जाएगी। चेक पोस्ट पूरी तरह से पेपरलेस किया जाएगा। जहां पर बॉडी वार्न कैमरे पहनकर ड्यूटी करना होगी। यह व्यवस्था लोकसभा चुनाव के बाद यह व्यवस्था लागू होगी। इससे चेक पोस्ट पर अवैध वसूली बंद होगी।
11 राज्यों की चेकपोस्ट का अध्ययन
परिवहन विभाग लंबे समय से वाहन संचालकों को राहत देने के लिए कवायद कर रहा था। दरअसल उनकी चेक पोस्टों पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार आ रही थी। इसको लेकर परिवहन विभाग ने 11 राज्यों की चेकपोस्ट के अध्ययन के लिए एक कमेटी भी गठित की थी। इस कमेटी ने चेकपोस्टों की व्यवस्था का अध्ययन कर सुझाव एवं अनुशंसा विभाग को दी थी।
आधुनिक उपकरण होंगे उपलब्ध
प्रदेश में संचालित 40 स्थायी चेकपोस्टों में से 19 इंटीग्रेटेड चेकपोस्टों का संचालन एमपीआरडीसी एवं म.प्र. बॉर्डर चेकपोस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मध्य हुए एग्रीमेंट के तहत हो रहा है। प्रदेश में गुजरात मॉडल लागू करने के लिए सभी परिवहन चेकपोस्टों पर आवश्यक संसाधन जैसे ब्रेथ एनालाइजर, स्पीड रडारगन, पोर्टेबल तोलकांटे, बॉडी वार्न कैमरा, पीओएस मशीन के साथ अतिरिक्त मानव संसाधन की व्यवस्था की जाएगी।