मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक सौहार्द कायम रहे इसके लिए चुनाव आयोग ने एक पहल की है। चुनाव में कोई भी दल या व्यक्ति किसी अन्य दल, नेता या उम्मीदवार का पुतला नहीं फूंक पाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी और एसपी को भी निर्देशित किया है। इसके साथ ही दूसरे दलों की सभा को बिगाड़ने की नीयत से पर्चे फेंकना या सवाल पूछने पर भी आयोग की ओर से रोक लगाई गई है। आयोग ने इन सभी गतिविधियों को आचार संहिता के दायरे में रखा है। ऐसे में नेता का पुतला दहन और सभा को खराब करना आचार संहिता उल्लंघन माना जाएगा।
झंडे फाड़ने पर भी एक्शन
आयोग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार उम्मीदवार के झंडे, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग फाड़ने पर एक्शन लिया जाएगा। कोई भी प्रत्याशी अथवा उसके समर्थक यदि दूसरे प्रत्याशी के लगाए गए झंडे, पोस्टर या बैनर को फाड़ता पाया जाता है तो उसे भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही किसी भी धर्म, जाति और समुदाय के विरुद्ध किसी प्रकार की बयानबाजी करने पर भी आयोग ने रोक लगाई है।
इनका कहना है
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी का पुतला दहन करना या सभा बिगाड़ने का प्रयास करना आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में आएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो कलेक्टर एसपी को उसे पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।