सीएम डॉ. मोहन यादव
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मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में 3800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड परियोजना शुरू होने जा रही है। इससे करीब 2 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को आगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले के लालूखेड़ी में 200 करोड़ रुपये का आलू प्रसंस्करण उद्योग भी स्थापित हो रहा है। इससे क्षेत्र में आलू की खेती को बढ़ावा मिलने और किसानों के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद के दौरान कहा कि आगर-मालवा में खेती के साथ पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा क्षेत्र में भी संभावनाएं हैं। जिले का संतरा देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है। यहां गौपालन की परंपरा भी मजबूत है। सरकार का प्रयास है कि किसान खेती के साथ दूसरे आय के साधन भी विकसित करें, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके।
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आलू की खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लालूखेड़ी में आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र में आलू उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। उद्योग की जरूरत के अनुसार स्थानीय किसानों को आलू की खेती का अवसर मिल सकता है। इससे कृषि आधारित उद्योगों और किसानों के बीच संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की शुरुआत और किसानों को मिलने वाले लाभ का वास्तविक असर आगे स्पष्ट होगा।
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2027 तक 2700 रुपये में गेहूं खरीदने की बात
मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत में कहा कि वर्ष 2027 तक गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। उन्होंने प्रदेश में सिंचाई के लिए पानी, बिजली और सड़क नेटवर्क को कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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गौपालन करने वालों को मिलेंगे पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने आगर जिले में गौसेवा और पशुपालन की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, सालरिया स्थित गौ-अभयारण्य और जिले की अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गौवंश की देखभाल की जा रही है। सरकार गौशालाओं को प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन की दर से सहायता देती है। गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।
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प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से वर्चुअली बातचीत की। बिनायगा-बड़ौद के किसान राधेश्याम परिहार और आखाखेड़ी-तनोडिया के किसान रोहित शर्मा से खेती के तरीकों और उनसे होने वाले लाभ की जानकारी ली। कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसानों, किसान परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों और भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर योजनाओं, आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सांसद रोडमल नागर, विधायक मधु गेहलोत और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।