इंदौर में हुए चूड़ी कांड के आरोपी को पुलिस ने हंगामे व भीड़ द्वारा पिटाई के डर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर सौंपा है। इस मामले को लेकर इंदौर से दिल्ली तक बवाल मचा था।
छेड़छाड़ के आरोपी तस्लीम को पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद आज आरोपी को हंगामे और पिटाई के डर से पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस ने तस्लीम के आधार कार्ड औऱ वोटर आईडी कार्ड भी जब्त कर लिया है। उनकी जांच की जा रही है। इंदौर पुलिस की एक टीम तस्लीम के गृहक्षेत्र हरदोई भी गई है, जहां उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच की जाएगी।
आरोपी की जमकर पिटाई की थी
दरअसल, चूड़ी बेचने वाले शख्स पर 13 साल की नाबालिग लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसके बाद आरोपी के साथ भीड़ ने मारपीट की थी। इस पर जमकर बवाल हुआ था। आरोपी की पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ था।
भीड़ ने किया था थाने को घेराव
वीडियो वायरल होने के बाद वर्ग विशेष के सैकड़ों लोगों की भीड़ ने थाने का घेराव किया था, जिसके बाद मामले ने सियासी रूप भी ले लिया। इस बीच बाणगंगा थाना पुलिस ने आरोपी की पिटाई के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बाणगंगा पुलिस थाने के प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि गोविंद नगर में रविवार दोपहर चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली (25) को पीटने वाले समूह में शामिल राकेश पंवार (38), विकास मालवीय (27), राजकुमार भटनागर (37) और विवेक व्यास (35) को गिरफ्तार किया गया है।
हिंदू जागरण मंच ने किया था प्रदर्शन
उक्त घटना के विरोध में हिंदू जागरण मंच विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शहर के रीगल चौराहे पर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय के सामने जुटे थे। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा और भगवा झंडे लहराते हुए नारेबाजी की थी।
चिदंबरम व ओवैसी ने की आलोचना
चूड़ी वाले की पिटाई को लेकर इंदौर से लेकर दिल्ली तक बवाल मचा था। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि ये घटनाएं विधानसभा चुनावों से पहले सांप्रदायिकता भड़काने और ध्रुवीकरण का प्रयास है। पहले गाजियाबाद, कानपुर और अब इंदौर। ये कौन लोग हैं, जिनका यह फैसला करने का हौसला बढ़ा हुआ है कि क्या सही है और क्या गलत है? वहीं, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि तस्लीम को एक उग्रवादी भीड़ ने बेरहमी से पीटा। राज्य के गृह मंत्री भी खुल के अपराधियों के लिए बहाने बना रहे है। चुनी हुई सरकारों और उग्रवादी भीड़ों में कोई फर्क नहीं रहा।