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गेहूं की सिर्फ ढाई फीसदी सरकारी खरीद, अधिकतर गोदाम खाली

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फोटो-5 गोंडा के धानेपुर में बंद गेहूं खरीद केंद्र। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकार की ओर से गेहूं की खरीद के लिए इस बार जिले में 116 क्रय केंद्र खोले गये थे। लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी इनके गोदाम खाली हैं। सभी सरकारी क्रय केंद्रों को मिलाकर कुल लक्ष्य का ढाई प्रतिशत ही खरीद हो पाई है। वहीं दूसरी ओर व्यापारियों और आढ़तियों ने करीब 68 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद लिया। गेहूं को लेकर किसानों का यह रुख न सिर्फ सरकारी अमले की उदासीनता को दर्शाता है बल्कि सिस्टम की खामियों को भी उजागर करता है।
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सरकारी खरीद बंद होने में सात दिन बचे हैं। ऐसे में लक्ष्य हासिल करना तो दूर उसके आसपास भी पहुंचना नामुमकिन है। शासन ने जिले को 98,000 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। पांच क्रय एजेंसियों के माध्यम से 116 केंद्रों पर खरीद की जा रही है, लेकिन खरीद शुरू होने के 69 दिन बाद भी विभाग ढाई फीसदी गेहूं की खरीद नहीं कर सका। कछुआ चाल से चल रही सरकारी खरीद का लाभ उठाकर आढ़तियों ने बहुत ही कम समय में 68 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद लिया।
इतना ही नहीं आढ़तियों ने गेेेहूं खरीद कर दूसरे प्रदेशों तथा विदेशों में बेच भी दिया। 106 केंद्रों पर 2409.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की गई, जो कि शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य की तुलना में ढाई फीसदी ही है। पिछले साल विपणन विभाग की ओर से 7080.28 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। 15 जून को गेहूं की खरीद बंद हो जाएगी, ऐसे में विभाग लक्ष्य से कोसों दूर रह जाएगा।
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छह क्रय केंद्रों पर नहीं हुई बोहनी
सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान अपनी उपज बेचने से बचते नजर आए। सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता तथा आढ़तियों के लाइन लगी रही। सरकारी दर पर खरीद बंद होने के कगार पर है, लेकिन अभी तक छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई। विपणन विभाग की ओर से पांच क्रय एजेंसियों के 116 केंद्र बनाए गये थे, अभी तक 106 केंद्रों पर ही खरीद हुई है। छह केंद्रों पर खरीद की शुरुआत नहीं हो सकी, वहीं करीब दो दर्जन केंद्रों पर पांच किसानों ने ही अपनी उपज बेची। इस वर्ष सरकारी क्रय केंद्रों पर 659 किसान गेहूं बेचने पहुंचे। जिनका तीन करोड़ 93 लाख 98 हजार रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 92 लाख 19 हजार रुपये किसानों का बकाया है।
क्रय एजेंसी खरीद का लक्ष्य हुई खरीद
खाद्य विभाग- 13000 मीट्रिक टन- 312.35 एमटी
पीसीएफ- 23000 मीट्रिक टन- 564.67 मीट्रिक टन
पीसीयू- 40,000 मीट्रिक टन- 1041.36 मीट्रिक टन
यूपीएसएस- 21000 मीट्रिक टन - 420.67 मीट्रिक टन
भारतीय खाद्य निगम- 1000 मीट्रिक टन- 70.75 मीट्रिक टन
कुल - 98000 मीट्रिक टन- 2409.80 मीट्रिक टन
गेहूं खरीद शुरू होने के बाद से ही सरकारी दर से मंडी का भाव हमेशा अधिक रहा। इसलिए किसानों ने अपनी उपज बाहर आढ़तियों को बेच दी। किसानों की उपज उनके घर से ही ख्ररीदने के लिए मोबाइल टीमें गठित की गईं। क्रय केंद्र प्रभारियों की ओर से गांव-गांव जाकर किसानों को गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन इसके बावजूद सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ सकी। अभी तक 2409.80 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। पिछले साल 70803.28 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
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