सीएम ने कांग्रेस पर विस्थापितों के प्रति उदासीनता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई समुदाय के लोग घर-बार छोड़कर आए, उनके लिए तत्कालीन सरकार ने न स्मारक बनाए, न संग्रहालय स्थापित किए। उनकी पीड़ा को भुला दिया गया। इसके विपरीत, उन्होंने पीएम मोदी की सराहना की, जिन्होंने CAA के जरिए शरणार्थियों को नागरिकता और पुनर्वास का अधिकार दिया।
सीएम ने कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में शरणार्थियों को CAA से नागरिकता मिली। ये लोग भारत के विकास में योगदान दे रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने उनके पुनर्वास के लिए कभी प्रयास नहीं किया। सीएम योगी ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी स्मृतियों को हमारा नमन है। सीएम योगी ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार CAA के तहत पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे और उचित पुनर्वास देगी। उन्होंने कहा कि हम उनके हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से देश के युवाओं को इतिहास से जोड़ना जरूरी है। इसमें विभाजन की त्रासदी, दंगे, विस्थापन और कत्लेआम की झलकियां दर्शाई गई हैं। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह पहल पीड़ित परिवारों के घावों पर मरहम लगाने का काम कर रही है और आने वाली पीढ़ियों को सच से भी अवगत करा रही है।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।