समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अब बूथवार जातीय समीकरण साधने की तैयारी है। इसके तहत पार्टी मुख्यालय ने बूथवार जातीय ब्यौरा मांगा है। इस आकलन के आधार पर संबंधित बूथ को जीतने की रणनीति तैयार की जाएगी। सभी फ्रंटल संगठनों की बूथ कमेटी को मिलाकर एक समन्वय समिति भी बनाई जाएगी।
सपा की ओर से दूसरी पार्टियों की हर रणनीति का काट ढूंढ़ कर रखा जा रहा है। बूथ पर मुकाबले के लिए अलग- अलग रणनीति अपनाई जा रही है। मुख्य बूथ कमेटी के साथ ही विभिन्न फ्रंटल संगठनों की भी कमेटी रहेगी। इन सभी कमेटियों को सक्रिय करने के लिए अलग से बूथ समन्वय समिति बनेगी। इसमें बूथ पर जिस जाति के मतदाता अधिक होंगे, उसी जाति के लोगों को समिति में भी अधिकता रहेगी। इससे चुनाव के समय मतदाताओं को बूथ तक लाने में आसानी होगी। इसी तरह बूथवार जातीय आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
प्रदेश कार्यालय ने सभी विधानसभा क्षेत्र अध्यक्षों से बूथवार मतदाताओं का जातीय आंकड़ा मांगा है। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने इस संबंध में सभी जिलाध्यक्षों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि किस बूथ पर किस जाति के कितने मतदाता है, इसकी सूची तैयार की जाए। एक सूची प्रदेश कार्यालय, दूसरी विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष और तीसरी बूथ कमेटी के पास रहेगी। चुनाव के वक्त एक सूची संबंधित प्रत्याशी को भी दी जाएगी। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इससे जातीय समीकरण साधने में आसानी होगी।