प्रदेश में जीका वायरस से निपटने के लिए जांच का दायरा बढाया जा रहा है। केजीएमयू, जीएसवीएम कानपुर के बाद अब लोहिया संस्थान और एसजीपीजीआई में भी जीका वायरस की जांच शुरू कराने की तैयारी है। सभी जिलों से बुखार सहित अन्य लक्षण वाले मरीजों के सैंपल इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक सौ से अधिक मरीज मिल चुके हैं। हालांकि इसमें 17 ठीक हो गए हैं। अब तक 3500 से अधिक सैंपल की जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक छावनी के आसपास के मोहल्लों में जांच कराई जा रही थी। अब निर्देश दिया गया है कि सभी जिलों में रैंडम सर्वे किया जाए। जहां भी बुखार सहित अन्य लक्षण के मरीज हैं और जीका वायरस की आशंका लग रही है तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मच्छर जनित रोग तथा जल जनित रोग से बचाने के लिए सभी चिकित्सकीय प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मच्छर जनित एवं जलजनित रोग से बचने के लिए बताए जा रहे उपायों को अपनाएं। घर में पानी इकट्ठा ना होने दें। जीका वायरस एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर को पनपने नहीं दें। इससे जीका वायरस ही नहीं डेंगू और चिकनगुनिया से भी बचाव होगा।