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यूपी में पहली बार: एक लाख गरीब बच्चों ने पाया शिक्षा का अधिकार, आरटीई के इतिहास में बना रिकॉर्ड

Fri, 03 Sep 2021 08:46 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रदेश में तीन चरणों में 2,00,099 आवेदन मिले थे। इनमें से 1,64,405 आवेदन लॉटरी योग्य पाए गए। तीन चरणों में कुल 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है।
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फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत प्रदेश में पहली बार 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के लिए प्रवेश मिला है। आरटीई के 12 साल के इतिहास में यूपी में शैक्षिक सत्र 2021-22 में सबसे अधिक बच्चों को प्रवेश मिला है।
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आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रदेश में तीन चरणों में 2,00,099 आवेदन मिले थे। इनमें से 1,64,405 आवेदन लॉटरी योग्य पाए गए। तीन चरणों में कुल 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है।

पहले चरण में 1,01,783 आवेदन मिले थे इनमें से 79,853 आवेदकों की लॉटरी निकाली गई और 54727 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला। दूसरे चरण में 76,190 आवेदन मिले इनमें से 56,703 आवेदक लॉटरी योग्य पाए गए और 31,512 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला। 
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तीसरे चरण में 22,126 विद्यार्थियों के आवेदन मिले इनमें से 16,492 आवेदक योग्य पाए गए और लॉटरी के बाद 12,949 बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिला है। आरटीई के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयं सेवी संस्था राइट वॉक की समीना बानो का मानना है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने के लिए पूरी मेहनत के साथ काम किया। उसी का नतीजा है इस वर्ष रिकार्ड प्रवेश मिला है।
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हर चरण में कितने आवेदन

 
चरण  आवेदन     योग्य      प्रवेश
पहला 1,01,783 79,853 54727 
दूसरा     76,190      56,703      31,512 
तीसरा     22,126  16,492  12,949 
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