बता दें कि समारोहों में लोगों के शामिल होने की संख्या पर सरकार में रविवार से ही विचार-विमर्श चल रहा था। दरअसल, वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सहालग 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलेगी और परिवार इस वक्त आयोजनों की तैयारियों में दिन-रात एक किए हुए हैं। वेडिंग प्लानर, होटलों, बैंड-बाजा और कैटरिंग वालों का कहना है कि छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 35 हजार शादियां 17 दिनों में होंगी।
ऐसे में मेहमानों की संख्या को सीमित करने पर व्यापार पर असर पड़ेगा जो कि लॉकडाउन के बाद से ही बदहाल है। वहीं, शादी वाले परिवारों का कहना है कि निमंत्रण बांटने के बाद लोगों को आने से मना करना संभव नहीं होगा...। हालांकि, सरकार ने कोरोना की समस्या को देखते हुए सख्त एडवायजरी जारी कर दी है।