पहले चरण के लिए चुनाव के लिए बसपा उम्मीदवारों का दम परख रही है। प्रत्येक सीट पर जाति समीकरण देखा जा रहा है। सोमवार को प्रदेश कार्यालय पर दावेदारों की स्क्रीनिंग होती रही और चयन समिति सदस्यों ने बसपा सुप्रीमो के आगे तमाम उम्मीदवारों की परेड कराई।
10 फरवरी को होने जा रहे पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन शुरू हो गया है। यह चुनाव पश्चिमी उप्र के 11 जिलों में हो रहा है। बसपा अकेले ही चुनावी मैदान में है। बसपा सुप्रीमो कई बार दोहरा चुकी हैं कि बसपा इस चुनाव में किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि इस बार बसपा की राह आसान नहीं है।
बसपा उसी सोशल इंजीनियरिंग के दम पर चुनाव लड़ने जा रही है जिसके दम पर वर्ष 2007 में लड़ी थी और पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ गई थी। इसी तरीके से टिकटों का चयन किया जा रहा है। मसलन ब्राह्मण बाहुल्य सीट पर ब्राह्मण, गुर्जर बाहुल्य सीट पर गुर्जर तथा इसी तरह जहां जिस जाति का वर्चस्व है उसी जाति केउम्मीदवार को अंतिम रूप से फाइनल करने की मशक्कत चल रही है। बसपा का मानना है कि इस जाति के साथ बसपा का कॉडर वोटर आ जाएगा और बात बन जाएगी।
ऐसे ही दावेदारों पर सोमवार को भी विचार होता रहा। पश्चिमी क्षेत्र के कोआर्डिनेटरों ने इस बाबत उम्मीदवारों की परेड भी कराई। काफी सीटों पर प्रत्याशी लगभग फाइनल कर दिए गए हैं पर अभी घोषणा नहीं की गई है। इसके दो मुख्य कारण हैं। एक, दूसरे दल अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दें और दूसरा, कि यदि इससे मजबूत कोई उम्मीदवार आ जाए तो टिकट बदला जा सके। दोनों ही उम्मीदों पर बसपा निगाह लगाए है।
कौन कहां जा रहा, निगेहबानी पर लगाए जासूस
बसपा समेत पश्चिमी उप्र में होने जा रहे इस चरण के चुनाव में संभावित उम्मीदवारों पर सभी की निगाह लगी हैं। इस बाबत पार्टियों ने अपने अपने ऐसे कार्यकर्ता लगाए हैं जो जासूसी कर रहे हैं। सूचना यह है कि कुछ दिग्गज अंतिम समय में पाला बदल सकते हैं। ऐसे लोगों पर निगाह है और इसकी पल पल की रिपोर्ट आला कमान को दी जा रही है।