समाजवादी पार्टी ने 22 में 22 संकल्प के जरिए नई सपा का सुबूत दिया। नए वादे के जरिए युवाओं पर अपना दावा मजबूत किया है। सामाजिक समीकरण साधने की पूरी रणनीति अपनाई तो भविष्य की भी खुशनुमा तस्वीर दिखाई। गांवों में शहरी चकाचौंध उतारने की ख्वाहिश को पंख लगाए हैं तो खुद के पर्यावरण इंजीनियर होने का प्रमाण भी दिया है।
सपा का नारा है, ‘नई सपा है, नई हवा है।’ इसके सुबूत घोषणा पत्र में अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने और विदेश में शिक्षा हासिल करने के लिए फंड की व्यवस्था करने के जरिए साफ दिख रहा है। अभी तक सपा अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं थी। भाजपा ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने को उपलब्धि के रूप में गिनाया है, तो सपा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विकास। खाली पदों को भरने से लेकर पैरा मेडिकल व नर्सिंग स्टाफ, आशा, एएनएम भर्ती और प्रशिक्षण के लिए केंद्र खोलने की भी बात कही है।
सपा ने किसानों के लिए दूध और कामधेनू योजना का ध्यान रखकर परंपरागत वोटबैंक को सहेजने की कोशिश की है। डीएपी व यूरिया को लेकर लघु व सीमांत किसानों को निश्चिंतता देने का प्रयास किया है। सपा ने महंगाई की मार से बचाने के लिए मुफ्त एक लीटर पेट्रोल जैसी योजना से हर वर्ग को जोड़ने की रणनीति अपनाई है।
कानून व्यवस्था पर उठने वाले सवालों के जवाब में हाईटेक पुलिसिंग का वादा किया गया है। महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण व सुरक्षा का भरोसा दिलाना, आधी आबादी को खुद के साथ जोड़ने की रणनीति है। भाजपा ने मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा के काट के रूप में सपा ने उनकी शिक्षा पर जोर देते हुए बस यात्रा मुफ्त देने का वादा किया है।
सपा ने पुरानी पेंशन योजना से कर्मचारियों और नाविकों व विश्वकर्मा समाज के लिए कॉर्पोरेशन बनाने की बात कहकर अति पिछड़ों को साधा है। सभी जिलों में तकनीकी व व्यावसायिक संस्थान की स्थापना, स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी घोषणाएं युवाओं पर केंद्रित है। सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए उद्योगपतियों से भी जुड़े रहने की कोशिश की है। 300 यूनिट बिजली जैसी घोषणा को दोहराते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र के एडवेंचर, वाइल्ड लाइफ एवं हेरिटेज टूरिज्म पर भी फोकस किया है।