18वीं विधान सभा में एक बार फिर बिना स्थगन के वर्ष 2024 का पहला सत्र संचालित हुआ। बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही कुल 55 घंटे 9 मिनट चली। पांच विधेयक पारित हुए। बजट सत्र के दौरान कुल 2404 प्राप्त प्रश्नों में अल्पसूचित तारांकित प्रश्न 02, स्वीकृत तारांकित प्रश्न 443 और अतारांकित प्रश्न 1753 रहे। इनकी कुल संख्या 2198 रही। वहीं उत्तरित प्रश्नों में तारांकित प्रश्न 75 और अतारांकित प्रश्नों की संख्या 525 रही। 2404 प्रश्न (88.14 प्रतिशत) आनलाइन प्राप्त हुए।
दो फरवरी से शुरु 18वीं विधान सभा के प्रथम सत्र में कुल 383 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें 274 स्वीकृत और 109 अस्वीकृत हुईं। सत्र के दौरान सरकार से वक्तव्य मांगने वाले नियम-51 के अन्तर्गत 548 सूचनाएं मिलीं। इनमें 254 सूचनाएं अस्वीकार की गईं। इसी प्रकार इस सत्र में कुल 686 याचिकाएं प्राप्त की गयी जिसमें ग्राहय याचिकाओं की संख्या 554 रही। सदन की कार्यसूची में शामिल याचिकाओं की संख्या 554, अग्राहय याचिकाओं की संख्या 61, विलम्ब से प्राप्त याचिकाओं की संख्या 71 तथा याचिका देने वाले कुल सदस्यों की संख्या 171 रहीं।
ये पांच विधेयक हुए प्रस्तुत
1- उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन ) विधेयक,2024
2- भारतीय स्टाम्प (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2024
3- उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त तथा उप लोक आयुक्त ( संशोधन ) विधेयक 2024
4- उत्तर प्रदेश लिफ्ट और ऐस्केलेटर विधेयक, 2024
5- उत्तर प्रदेश विनियोग विधेयक, 2024
महाना ने जताया आभार
सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ सहित नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव, अपना दल (एस) के नेता राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के नेता राजपाल सिंह बालियान, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, भारतीय सुहेलदेव पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता आराधना मिश्रा ‘मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ और बसपा के उमाशंकर सिंह का आभार जताया।