शुरुआती जांच में कनेक्शन जारी करने में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद उन्हें निदेशक (तकनीकी) पद से हटाने का फैसला किया गया है। जबकि मामले में दोषी सभी तत्कालीन छह अभियंताओं को चार्जशीट दी जा चुकी है।
ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर को आवासीय योजना के लिए अस्थायी कनेक्शन जारी करने में अनियमितताओं के मामले में आखिरकार पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के निदेशक (तकनीकी) राकेश कुमार को हटा दिया गया है। शासन ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को निदेशक (तकनीकी) पद का कार्यभार दूसरे अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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बिल्डर को अस्थायी कनेक्शन जारी करने में राकेश कुमार की तत्कालीन अधीक्षण अभियंता के रूप में भूमिका सामने आई है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने तक राकेश कुमार निदेशक (तकनीकी) का कार्यभार नहीं देखेंगे और पश्चिमांचल निगम से संबद्ध रहेंगे।
गौरतलब है कि मामले में जिन तत्कालीन छह अभियंताओं के खिलाफ जांच चल रही है, उनमें राकेश कुमार भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में कनेक्शन जारी करने में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद उन्हें निदेशक (तकनीकी) पद से हटाने का फैसला किया गया है। जबकि मामले में दोषी सभी तत्कालीन छह अभियंताओं को चार्जशीट दी जा चुकी है। इनमें राकेश कुमार के अलावा तत्कालीन अधिशासी अभियंता लाल सिंह राकेश, प्रभात कुमार सिंह, प्रवीन कुमार, ग्रेटर नोएडा के तत्कालीन उप खंड अधिकारी (एसडीओ) अजय कुमार और तत्कालीन अवर अभियंता अरविंद कुमार शामिल हैं। जल्द ही कुछ और अभियंताओं पर गाज गिर सकती है।