राजधानी में विदेश से आने वाले यात्रियों की वजह से संक्रमण के नए मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे ओमिक्रॉन की आशंका की दहशत बढ़ रही है।
बुधवार को कोरोना संक्रमण के दो नए मामले मिले। इनमें से एक यात्री लंदन से बंगलूरू होते हुए लखनऊ पहुंचा है, जबकि दूसरा संक्रमित जर्मनी से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद पॉजिटिव हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेवेल हिस्ट्री के आधार पर जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजे हैं। कोरोना के सक्रिय मामले फिर बढ़ने लगे हैं। एक सप्ताह में ही इनकी संख्या 15 से 31 हो गई है।
संक्रमण के नए मामलों में ज्यादातर वे यात्री हैं जो विदेश से आए हैं। विदेश में ओमिक्रॉन के प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जांच करवा रहा है। इसके बाद उनको एक सप्ताह तक होम आइसोलेशन में रहना होता है।
एक सप्ताह बाद दोबारा उनकी जांच की जाती है। इसमें निगेटिव मिलने पर ही उनको बाहर निकलने की हिदायत दी गई है।
जानकीपुरम क्षेत्र में जर्मनी से 11 दिसंबर को लौटे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसके संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई गई थी।
जांच रिपोर्ट में बुधवार को एक और व्यक्ति संक्रमित पाया गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता थोड़ी और बढ़ गई है।
वहीं, दूसरा व्यक्ति बंगलूरू से नौ दिसंबर को गुडंबा आया था और अभी तक होम आइसोलेशन में हैं। सात दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी जांच कराई तो संक्रमण की पुष्टि हुई। हालांकि, दोनों मरीजों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं।
संक्रमितों में 75 प्रतिशत यात्री या उनके संपर्क वाले
दिसंबर में अब तक कोरोना के 25 मामले मिल चुके हैं। इनमें से 75 प्रतिशत यानी 19 मरीज ऐसे हैं, जिनकी ट्रेवेल हिस्ट्री है या फिर वे ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहे जो बाहर से यात्रा करके आया हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मिलिंद वर्धन के अनुसार, फिलहाल नए संक्रमण के 75 फीसदी मामले ट्रेवेल हिस्ट्री से संबंधित हैं। बाहर से आने वाले व्यक्तियों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अब हफ्तेभर में मरीजों में आ रहे कोरोना के लक्षण
देश में ओमिक्रॉन की दहशत के बीच विदेश की यात्रा से कई लोग लौटे हैं। इनमें से तीन लोगों की यात्रा से पहले और एयरपोर्ट पर जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। पर सात दिन बाद कोरोना के लक्षण नजर आने पर इन्होंने जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर में संक्रमितों में नौ से 11 दिन के अंदर संक्रमण की पुष्टि हो रही थी। अब सातवें दिन संक्रमण निकल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि विदेश से लौटने वाले हर यात्री को घर पर हफ्तेभर आइसोेलेशन में रहना ही होगा। ऐसे यात्री कमांड सेंटर के संपर्क में रहेंगे। कोई भी लक्षण आने पर जांच कराई जाएगी। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन मिलने पर यात्रियों को अस्पताल में शिफ्ट कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक, कोविड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।