रामनगरी में दो दिनों तक हुई राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में तीन महीने की कार्ययोजना पर मंथन करने के साथ-साथ कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष इंजीनियरों ने अब तक हुए कार्यों का प्रजेंटेशन दिया। नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों व निर्माण इकाई के इंजीनियरों के साथ मंदिर निर्माण व परिसर की भव्यता को लेकर चर्चा की। बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर की नींव भराई का काम प्रारंभ हो चुका है। 55 फुट नींव भराई का कार्य सितंबर माह तक पूरा हो जाएगा।
ट्रस्ट के महासचिव ने बताया कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ परिसर की भव्यता की योजना पर चर्चा हुई। बताया कि फिल्ड मटेरियल के संयोजन पर सहमति बन गई है। आईआईटी चेन्नई की रिपोर्ट के अनुसार फिल्ड मटेरियल में अब कोई परिवर्तन नहीं होगा। कहा कि राममंदिर की नींव भराई का काम प्रारंभ हो चुका है। अभी एक फुट की लेयर डाली जा रही है। एक फुट की मोटी लेयर डालने के बाद उस लेयर पर 12 टन का रोलर चलेगा। रोलर चलने से एक फुट ऊंची लेयर बैठेगी, जो 12 इंच से 10 इंच हो जाएगी।
दो तरीके के रोलर एक सामान्य व दूसरा वायब्रो रोलर चलाकर लेयर की क्षमता मापी जाएगी। 300 मिलीमीटर की लेयर को 250 मिलीमीटर तक दबाया जाएगा। बताया कि सितंबर समाप्त होने तक 50 से 55 फुट गहराई का जो मलबा हटाया गया उसकी फिलिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। एक लाख 25 हजार घनमीटर गहराई तक फिलिंग होगी। कुल 44 लेयर में राममंदिर की नींव तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नींव भराई होने के बाद धरातल से फर्श को साढ़े सोलह फुट ऊपर ऊंचा उठाना है। इसको ऊंचा उठाने का काम मिर्जापुर के पत्थरों से किया जाएगा। तब तक पत्थरों की आपूर्ति हो जाएगी। ढाई महीने के वर्षाकाल में राममंदिर निर्माण के कार्य में बाधा न आने पाए इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई है। बैठक में ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, आफिसियों ट्रस्टी/डीएम अनुज कुमार झा सहित एलएंडटी, टीसी, डिजाइन एसोसिएट्स के इंजीनियर शामिल रहे।