चारबाग स्टेशन पर रविवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब गरीब रथ एक्सप्रेस से उतरते वक्त पैर फिसलने से एक महिला बच्चे के साथ प्लेटफॉर्म व ट्रैक के बीच गिर गई। इसी बीच ट्रेन भी चल पड़ी। यह देख आरपीएफ जवान बीरेंद्र कुमार यादव ने दौड़ लगा दी और चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। तब तक चार बोगियां महिला व उसके बच्चे के बगल से गुजर चुकी थीं।
आरपीएफ के अनुसार प्लेटफार्म नंबर एक पर गोंडा के बरगदीयनपुरा की पिंकी बेटे लकी के साथ खड़ी थी। उसे (02231) चंडीगढ़ एक्सप्रेस से सफर करना था। उस वक्त प्लेटफॉर्म पर सहरसा-अमृतसर गरीब रथ खड़ी थी। इसी दौरान लकी को पेशाब लग गई तो पिंकी उसे लेकर चंडीगढ़ एक्सप्रेस में चढ़ गई। उतरते वक्त ट्रेन चल पड़ी। ऐसे में संतुलन बिगड़ने से पिंकी का पैर फिसल गया और वह बच्चे के साथ ट्रैक व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़ी। यह देख स्टेशन पर अफरातफरी मच गई।
इसी बीच आरपीएफ जवान बीरेंद्र ने दौड़कर चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन के रुकते ही उसने कोच के नीचे से दोनों को निकाला। तब तक पिंकी बच्चे को छाती से लगा लेटी हुई थी। दोनों को सकुशल निकालने पर सभी ने आरपीएफ जवान की सराहना की। सोशल मीडिया पर सोमवार को घटना का वीडियो वायरल होने पर भी आरपीएफ जवान की तारीफ हुई। बता दें कि इससे पूर्व महिला आरपीएफ जवान ने एक यात्री की जान बचाई थी।
जवान को किया जा सकता है सम्मानित
तत्परता व साहस के लिए आरपीएफ जवान बीरेंद्र कुमार यादव को सम्मानित किया जा सकता है। पिछली बार जिस महिला आरपीएफ जवान ने यात्री की जान बचाई थी, उसे सम्मानित किया गया था। अब बीरेंद्र का नाम जीएम अवॉर्ड के लिए भेजे जाने पर मंथन हो रहा है।