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सहालग में जाम बजा रहा यातायात व्यवस्था का बाजा

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सहालग के सीजन में जाम की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। आलमबाग नहर तिराहा, दुबग्गा तिराहा, कमता, अमीनाबाद, कैसरबाग, ठाकुरगंज और अहिमामऊ में इन दिनों रोज ही शाम से देर रात तक जाम लगा रहता है। ऐसे में शादी-ब्याह में जाने वाले लोग भी दिक्कत झेल रहे हैं।
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कानपुर रोड पर ट्रांसपोर्टनगर से आलमबाग नहर तिराहे तक मंगलवार शाम करीब छह बजे से देर रात तक जाम लगा रहा। वीआईपी रोड, पिकेडली होटल वाली सड़क और नहर तिराहे से दुबग्गा की तरफ करीब एक किमी. तक जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, सहालग के चलते एक सप्ताह से जाम की समस्या बढ़ी है।
दुबग्गा तिराहे पर भी दूर तक वाहनों का रेला लगा रहा। शाम सात बजे हरदोई रोड से एक एंबुलेंस आई, जिसे किसी तरह ट्रैफिक पुलिस ने रवाना कराया।
बालागंज और ठाकुरगंज में कई मैरिज हॉल में शादी-ब्याह के चलते विपरीत दिशा से भी वाहनों के आ जाने से देर रात तक कई बार जाम लगा।
इसी तरह चिनहट के कमता, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा और अहिमामऊ में भी देर रात तक जाम लगा रहा। अहिमामऊ में दोपहर में भी कई बार काफी देर तक जाम लगा। कैसरबाग और अमीनाबाद इलाके में भी शाम से रात तक जाम लगा रहा।
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तेलीबाग में भी पांच घंटे जाम से जूझे लोग
तेलीबाग इलाके में शाम चार बजे से जाम ने लोगों को परेशान कर दिया। लोग रायबरेली रोड की कॉलोनियों के अंदर की सड़कों से निकलने लगे तो वहां भी जाम लग गया। सैनिक नगर, साउथ सिटी, वृंदावन कॉलोनी, सेनानी बिहार, रजनी खंड व सहित रास्तों पर भी वाहनों की कतारें लगी रहीं। रात करीब नौ बजे तक यही हालात रहे। जाम में दो-तीन एंबुलेंस भी फंसी दिखीं। इसी बीच पीएसी मुख्यालय में परेड से लौट रहे जवानों के छह वाहन भी जाम में फंस गए। हालांकि जवान तुरंत वाहनों से उतरकर यातायात सुचारु कराने में जुट गए। करीब आधे घंटे में यातायात सामान्य हो पाया।
अमीनाबाद, आलमबाग व भूतनाथ में सुधरेगी यातायात व्यवस्था
राजधानी के तीन प्रमुख बाजारों में अमीनाबाद, आलमबाग व भूतनाथ बाजार में यातायात व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जाएगा। इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस ने कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। यहां अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। दोबारा अतिक्रमण न हो इसके लिए कमेटी गठित हो गई। इनकी जिम्मेदारी पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया को सौंपी है। वह तीनों बाजारों का परीक्षण करने के बाद ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। इस पर प्रशासन, नगर निगम, एलडीए व अन्य संबंधित विभागों से मिलकर कार्रवाई की जाएगी। यातायात माह के समापन समारोह के अवसर पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कि हाल में ही व्यापारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें अमीनाबाद, आलमबाग व भूतनाथ मार्केट में यातायात व्यवस्था की समस्या सामने आई है। इसके सुधार के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने हाल ही में अमीनाबाद बाजार का निरीक्षण किया है। इसके बाद वह दोनों अन्य बाजाराें आलमबाग व भूतनाथ का निरीक्षण करेंगे। तीनों बाजारों का निरीक्षण करने के बाद प्रशासन, नगर निगम, एलडीए व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। जिस पर बाजार की यातायात व्यवस्था को सुधारने का काम किया जाएगा। वहीं जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि शहरी इलाके में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने एक निजी कंपनी से बातचीत हो चुकी है। कंपनी को जिला प्रशासन ने वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है। जल्द ही यह कंपनी अपनी जिम्मेदारी संभालनी शुरू कर देगी।
अतिक्रमण के लिए बनेगी विशेष कमेटी
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही तय किया जाएगा कि दोबारा अतिक्रमण न हो। इसके लिए इलाकों में थाने, चौकी, जिला प्रशासन से जुड़े लोगों, स्थानीय नागरिक व स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों को शामिल कर एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। जो हर 15 दिन पर मौके का मुआयना करेगी। अतिक्रमण हटाते समय भी वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई जाएगी।
एक महीने में 23692 का चालान
एक माह तक चला यातायात माह मंगलवार को खत्म हो गया। इस दौरान पुलिस लाइंस ग्राउंड में यातायात माह के समापन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। यातायात पुलिस ने 23692 वाहनों का चालान काटा और 17.79 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला।
वाहन चेकिंग में ही मशगूल रही ट्रैफिक पुलिस
यातायात माह में आम जन को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना था। सड़क सुरक्षा का संदेश देना था। मगर चौराहों पर आम दिनों की तरह ही यातायात माह में भी ट्रैफिक पुलिस मोबाइल से वाहनों के फोटो खींचकर चालान करने के साथ ही बाहर के नंबर के वाहनों को रोककर चेकिंग करती ही दिखी। यातायात माह के समापन पर मंगलवार को भी चौराहों पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
आनन-फानन कार सवार लोगों को छोड़ा
डालीगंज पुल के पास ट्रैफिक बूथ पर मंगलवार दोपहर बिहार के नंबर की एक कार को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। ड्राइवर की फोटो भी खींची मगर वह और बगल की सीट पर बैठा व्यक्ति सीट बेल्ट बांधे थे। कागजात भी दुरुस्त मिले तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी बोले कार में निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां बैठीं हैं, चालान होगा। मगर इसी बीच ‘अमर उजाला रिपोर्टर’ ने मोबाइल से घटनाक्रम की फोटो क्लिक कर ली तो पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन कार सवार लोगों को छोड़ दिया। कार सवार पीके सिन्हा निवासी पटना ने बताया कि वो दो वाहनों से पूरे परिवार व रिश्तेदारों संग शादी में लखनऊ आए हैं। सीट बेल्ट बांधे रहने पर भी डालीगंज और उससे पहले दो अन्य चौराहों पर यातायात पुलिस ने रोका और चेकिंग के नाम पर परेशान किया।
चालक सीट बेल्ट बांधे था, फिर भी रोका
इसी तरह हजरतगंज में चिरैया झील तिराहे पर भी मंगलवार दोपहर दूसरे जिले के नंबर की कार को होमगार्ड जवान ने दौड़कर रुकवाया। चालक कार खड़ी करके उतरा तो ट्रैफिक सिपाही उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच ‘अमर उजाला रिपोर्टर’ ने फोटो क्लिक की तो सिपाही ने तुरंत कार छोड़ दी। रिपोर्टर ने ट्रैफिक सिपाही से पूछा कार क्यों रोकी तो वह बोला सीट बेल्ट नहीं पहनने पर रोका था। हालांकि चालक सीट बेल्ट बांधे था। इसी तरह सिकंदरबाग चौराहे पर भी मंगलवार दोपहर ट्रैफिक पुलिसकर्मी बाहर के नंबर की लग्जरी कार रुकवाकर चेकिंग करते दिखे। उक्त तीनों ट्रैफिक बूथों पर पुलिसकर्मी यातायात जागरूकता को लेकर कोई प्रयास करते नहीं दिखे।
कुछ स्कूल-कॉलेजों व चौराहों तक सिमटा अभियान
यातायात माह में महज 25 स्कूल-कॉलेजों में ही निजी संस्थानों के सहयोग से यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1090, हजरतगंज, पॉलीटेक्निक समेत पांच चौराहों पर यातायात जागरूकता कार्यक्रम तो कराए गए, मगर अन्य चौराहों पर पुलिस वाहन चेकिंग में ही मशगूल दिखी।
इस ओर भी नहीं दिया ध्यान
- सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में वाहन चालकों के लिए हेल्थ चेकअप शिविर लगवाने थे, पर अमल नहीं हुआ।
- सड़कों पर यातायात संकेत, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइटें, सड़क के दोनों तरफ सफेद पट्टी बनवानी थी, लेकिन बजट न होने से ये भी नहीं हो सका।
- शराब पीकर ड्राइविंग को लेकर चेकिंग अभियान चलाना था, मगर इस पर अमल न हो सका।
- ओवर स्पीड पर अंकुश के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास लेजर स्पीड रडार है, मगर इसे उपयोग में नहीं लाया गया।
- वाहन चालकों की आंखों की जांच को लेकर भी कोई शिविर नहीं लगाया गया।
यातायात माह में ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर पर्याप्त कार्यक्रम आयोजित किए गए। नियमित अभियान चलाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने को प्रेरित भी किया गया। उपलब्ध संसाधनों के मुताबिक यातायात माह का सफल आयोजन किया गया है। भविष्य में और बेहतर करने का प्रयास होगा।
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- पीके तिवारी, प्रभारी डीसीपी (ट्रैफिक)
सराहनीय कार्य भी किए
- आटो-टेंपो में छूटे तमाम लोगों के बैग और गुम हुए मोबाइल फोन भी आईटीएमएस की मदद से तलाश कर उन्हें लौटाए गए।
- मोडिफाई साइलेंसर पर कसा शिकंजा, सैकड़ों बुलेट समेत अन्य वाहनों का चालान किया।
- नो पार्किंग पर बरती सख्ती
- ट्रैफिक स्मार्ट करने की कवायद
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