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हेलो... इंस्पेक्टर तालकटोरा बोल रहा हूं, पांच लाख पहुंचा दो... नहीं जेल जाओगे

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लखनऊ। ‘हेलो... मैं इंस्पेक्टर तालकटोरा बोल रहा हूं। आप युवती से अश्लील हरकतें कर रहे हैं जिसका वीडियो मेरे पास है। अगर पांच लाख रुपये देते हैं तो ठीक है वरना जेल जाना पड़ेगा।’ कुछ इस तरह कॉल कर हनी ट्रैपिंग गिरोह ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी को अपने जाल में फंसाकर 3.65 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने तालकटोरा थाने में केस दर्ज कराया। मंगलवार को तालकटोरा की असली पुलिस ने इस हनी ट्रैपिंग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह में दो महिलाएं हैं तो वहीं दो नकली पुलिसकर्मी भी पकड़े गए हैं।
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एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, तालकटोरा पुलिस ने गिरोह की महिला अर्चना, उसकी बेटी मुनमुन, नकली तालकटोरा इंस्पेक्टर बने विनय यादव और नकली सिपाही विक्की उर्फ राहुल श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। विनय, राजाजीपुरम का तो राहुल प्रभातपुरम आलमनगर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 हजार रुपये, दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। एडीसीपी के मुताबिक, गोमतीनगर निवासी रिटायर्ड अधिकारी का परिचय मूलरूप से बलिया की रहने वाली अर्चना व उसकी बेटी मुनमुन से था। दोनों तालकटोरा इलाके में रहती हैं। होली से दो दिन पहले मां-बेटी ने रिटायर्ड अधिकारी को अपने घर मिलने के लिए बुलाया था। जब उनके घर मिलने पहुंचे तो मां-बेटी ने बहाने से उनको एक कमरे में बुलाया, फिर कमरे को बंद कर दिया।
रिटायर अधिकारी की बनाई वीडियो, मांगे पांच लाख
पुलिस के मुताबिक, रिटायर्ड अधिकारी जैसे ही कमरे में पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद युवती ने अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दीं। इस बीच दो अज्ञात युवक पुलिसकर्मी बनकर कमरे में घुसे। अंदर आते ही दोनों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद रिटायर्ड अधिकारी को धमकाने लगे। गिरोह के सभी लोगों ने मिलकर बुजुर्ग से पांच लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने 15 हजार रुपये दे दिए लेकिन आरोपी और रुपये मांगने लगे। रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी दी। इस पर पीड़ित ने अपने चालक से तीन लाख रुपये और मंगवाकर आरोपियों को दिए। तीन लाख रुपये लेने के बाद आरोपितों ने पीड़ित को छोड़ दिया।
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नकली इंस्पेक्टर बन कॉल कर दी धमकी, रिटायर्ड अधिकारी से मांगे रुपये
एडीसीपी पश्चिम के मुताबिक, पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी से तीन लाख रुपये वसूलने के बाद भी नहीं छोड़ा गया। उन्हें एक दिन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को तालकटोरा इंस्पेक्टर बताया। कहा कि अभी मामला रफा-दफा नहीं हुआ है। उसने पीड़ित को और रुपये लेकर आने को कहा। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि हजरतगंज के दारूलशफ रुपये लेकर पहुंचे। वहां पहुंचकर पीड़ित ने आरोपित को 50 हजार रुपये और दिए। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि सौदा पांच लाख रुपये में तय हुआ है। इस पर पीड़ित ने और रुपये देने में असमर्थता जताई तो आरोपित ने तमंचे के बल पर पीड़ित को धमकाया। शक होने पर पीड़ित ने अपने स्तर से छानबीन की तो पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इस पर पीड़ित ने तालकटोरा पुलिस से लिखित शिकायत की। मंगलवार को इस मामले में तालकटोरा पुलिस ने गिरोह की महिला अर्चना, उसकी बेटी मुनमुन, नकली तालकटोरा इंस्पेक्टर विनय यादव और नकली सिपाही विक्की उर्फ राहुल श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
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