भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि संतों का अपमान करने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हिंदू और सनातन संस्कृति के विरोधी हैं। एक बयान जारी कर बृहस्पतिवार को स्वतंत्रदेव ने कहा कि हिंदू मान्यता, हिंदू संस्कृति के प्रतीकों और पूज्य संतों का अपमान करने वाले सपा मुखिया को संतों और सनातन मतावलंबियों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लगातार पराजय से अखिलेश हताशा और निराशा में हैं। उन्हें फिर एक बार अपनी हार का अंदेशा हो गया है। यही वजह है कि उनके बोल बिगड़ गए हैं। स्वतंत्रदेव ने कहा कि अखिलेश ने हमेशा स्वयं और परिवार का विकास किया है, इसलिए उन्हें चुनाव में विकास का मुद्दा सुहा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने जो कहा वह कर दिखाया है। वहीं अखिलेश की जातिवादी व तुष्टीकरण की राजनीति को जनता समझ गई है।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का कहना है कि बिजली के मामले में पिछली सरकार के मुखिया को प्रदेश से मांगनी चाहिए। केवल चार जिलों को ही बिजली देकर उत्तर प्रदेश को आपूर्ति की दृष्टि से संतृप्त मान लेना उन 1.41 करोड़ लोगों के साथ अन्याय है, जो 2017 से पहले बिजली के लिए तरस गए थे।
बिजली को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने 5.14 से 11.09 रुपये यूनिट की दर से दीर्घकालिक विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) किए और मंहगी बिजली थोपी। पांच साल में बिजली के दाम 60.71 प्रतिशत बढ़ाए। भाजपा सरकार ने 2.98 से 4.19 रुपये यूनिट की दर से पीपीए किए और तीन साल से बिजली की दरें नहीं बढ़ाईं। पांच साल की सरकार में पांच बार बिजली के दाम बढ़ाने वाले सस्ती बिजली की बात न करें। हमने महंगे बिजली सौदों को दोबारा वार्ता करके सस्ता किया। महंगी बिजली हमने नहीं पिछली सरकार ने खरीदी।