अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विश्वंभर दयाल ने सोमवार दोपहर को बापू भवन के आठवीं मंजिल स्थित कमरे में खुद को गोली मार ली थी। पांचवें दिन शुक्रवार दोपहर को लोहिया संस्थान में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट में उन्नाव के औरास पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मामले की जांच आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई। दूसरे दिन औरास इंस्पेक्टर हर प्रसाद अहिरवार और दरोगा तमीजुद्दीन को निलंबित कर दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, मौके से एक सुसाइड नोट, लाइसेंसी रिवॉल्वर, निजी सचिव विश्वंभर दयाल का मोबाइल सहित कई सामान बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी बहन के ससुराल में विवाद का जिक्र किया था। इसका मुकदमा उन्नाव के औरास थाने में दर्ज है। विश्वंभर दयाल की बहन का पड़ोसियों से विवाद हुआ था। जिसमें औरास पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन निजी सचिव की बहन के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही थी।
औरास पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगते ही मामले की जांच आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह को सुपुर्द कर दी गई। उन्होंने निजी सचिव के बहन से जुड़े सभी मामलों की जांच शुरू कर दी। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर औरास हर प्रसाद अहिरवार और हल्का दरोगा तमीजुद्दीन को निलंबित कर दिया। वहीं निजी सचिव के बहन के मामले की जांच दोबारा शुरू कराई गई।
सचिवालय सुरक्षा सवाल उठा तो तीन निलंबित
सचिवालयकर्मी द्वारा असलहा लेकर सचिवालय में जाने और खुद को गोली मारने की घटना के बाद एक बार फिर सचिवालय की सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लग गया है। अवकाश के दिन सचिवालय का एक ही गेट खुला था। वहां भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर कर्मियों की लापरवाही सामने आई। मामले में सचिवालय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने तीन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया।
निजी सचिव के निधन पर शोक जताया
अपर मुख्य नगर, विकास डॉ. रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल के निधन पर विभाग में शुक्रवार को शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर शहर से बाहर होने की वजह से अपर मुख्य सचिव की ओर से भेजे गए शोक संदेश को पढ़ा गया। सभा में विशेष सचिव इन्द्रमणि त्रिपाठी, व संजय कुमार यादव समेत विभाग के सभी अनुभाग अधिकारी, समीक्षा अधिकारी व अन्य कर्मचारी शामिल थे।