मानकों की कसौटी पर कच्चे मिले 11 अस्पतालों की जांच के आदेश दिए गए थे। जांच पूरी होने के बाद ही इनके संचालन की अनुमति थी, लेकिन न स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है न इन अस्पतालों में मरीजों की भर्ती ही बंद हुई है।
इससे मरीजों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। जांच कमेटी बनी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन अस्पतालों की जांच न कर इन्हें मानक पूरा करने का मौका दे रहे हैं।
मालूम हो कि डीएम ने 19 अस्पतालों को सील करने के साथ इन 11 अस्पतालों की जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन नर्सिंग होम के नोडल अफसर की लापरवाही के चलते ये अस्पताल बिना जांच के ही धड़ल्ले से चल रहे हैं।
आरोप है कि निजी अस्पतालों से साठगांठ कर नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं। अहम बात यह है कि जांच कमेटी के किसी भी सदस्य को जांच के लिए नोडल अफसर नहीं भेज रहे हैं।
इस बारे में नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ. एमके सिंह के नंबर पर कॉल की गई, लेकिन उनका न फोन उठा न मेसेज का ही जवाब दिया।
इनकी होनी है जांच
शेफालिया, चंद्रा हॉस्पिटल, हिमसिटी, हर्बल हॉस्पिटल, न्यू तुलसी, न्यू एशिया, दीपक लाइफ साइंसेज, एसएन हॉस्पिटल, लखनऊ हॉस्पिटल, जैना हॉस्पिटल, लक्ष्य कैंसर हॉस्पिटल।
दो निजी अस्पताल फिर सील, छह बाकी
स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम 24 घंटे में महज दो अस्पताल ही सील कर पाई। अभी छह अस्पतालों पर ताला लगना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है सीलिंग की कार्रवाई सोमवार को भी जारी रहेगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर अभी तक 13 अस्पतालों को सील किया जा चुका है। रविवार को दो अस्पताल बुद्धा व उन्नति को सील करने टीम पहुंची। यहां भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजा गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दोनों अस्पतालों को सील किया गया। प्रभारी अधिकारी डॉ. अभिलाषा मिश्रा के मुताबिक, सोमवार को भी बचे अस्पताल सील किए जाएंगे।