बंद होने के संकट से जूझ रहे प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार इन बैंकों को लगभग 800 करोड़ रुपये की मदद देने के लिए राजी हो गई है।
इससे इन बैंकों में फिर से कारोबार शुरू हो सकेगा। सहकारी संस्थाओं के पुनरुत्थान के लिए वैद्यनाथन कमेटी ने अलग-अलग पैकेज देने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी।
इस पर केंद्र ने प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों को 1545.69 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी। इसमें से 623.41 करोड़ रुपये दे भी दिए थे, पर यह भी कहा था कि शेष 922.28 करोड़ रुपये तब मिलेंगे जब राज्य सरकार वैद्यनाथन कमेटी की शर्तें पूरी करेगी।
इसके तहत बैंकों का स्वतंत्र बोर्ड बनाने के साथ ही निदेशक मंडल की व्यवस्था खत्म करके बैंकों के संचालन का अधिकार बैंक की प्रबंध समिति को देना था। जून 2011 तक ये शर्तें पूरी करनी थीं, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार ने इन्हें पूरा नहीं किया।