सोशल मीडिया पर यौन उत्पीड़न की शिकार नाबालिग छात्रा की पहचान उजागर करते हुए पोस्ट करने पर पुलिस ने पूर्व मंत्री समेत छह लोगों को नोटिस जारी किया है। पोस्ट तत्काल डिलीट करने की हिदायत दी गई है। स्पष्टीकरण में संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रकरण महमूदाबाद में शिक्षक के नाबालिग छात्रा को धमकाकर कमरे में ले जाकर अश्लील हरकतें करने से जुड़ा हुआ है। दरअसल, महमूदाबाद में गत 24 सितंबर को कक्षा छह की एक छात्रा स्कूल जा रही थी। उसके ही विद्यालय का शिक्षक फेल करने की धमकी देकर छात्रा को अपने कमरे में ले गया। आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा से अश्लील हरकतें की।
ये भी पढ़ें - यूपी के पूर्वी और मध्य भाग में बूंदाबांदी के साथ ही भारी बारिश जारी, मंगलवार से कमजोर होगा मानसून
ये भी पढ़ें - यूपी में बारिश का कहर: अवध में उफनाई नदियां, 17 की मौत, मकान ढहने और बिजली गिरने से हुई मौतें
छात्रा के पिता की तहरीर पर महमूदाबाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक संजय गुप्ता के विरुद्ध पाक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोपी शिक्षक को जेल भेज दिया गया था। इस मामले को लेकर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली थी। जिसमें पीड़िता व परिजनों की फोटो, वीडियो व तहरीर साझा की गई थी। ऐसी पोस्ट करने वालों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, संजय वर्मा, शिवेन्द्र यादव, प्रशांत वंशवार तथा शिवम वर्मा को पुलिस ने नोटिस जारी की है जिसमें पोस्ट को तत्काल डिलीट करने व ऐसा कृत्य करने पर कारण बताने को कहा गया है। संतोषजनक कारण नहीं बताने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यौन उत्पीड़न की शिकार पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना अपराध
एसपी सीतापुर चक्रेश मिश्र का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार यौन उत्पीड़न से संबंधित पीड़िता व उसके परिजनों की पहचान सार्वजनिक करना अपराध है। महमूदाबाद के प्रकरण में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए पोस्ट करने वालों को चिह्नित किया गया है। छह लोगों को नोटिस जारी की गई है।