अप्रैल में कोरोना की गंभीरता की गवाही बीते डेढ़ महीने में जारी मृत्यु प्रमाणपत्र के आंकड़े भी देते हैं। एक अप्रैल से 15 मई तक 7890 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए, जबकि 15 फरवरी से 31 मार्च तक यह आंकड़ा 5970 था। बीते ढाई माह में जिले में 13,313 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या 4752 है। एक ट्रांसजेंडर का भी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुआ है।
प्रमाणपत्र जारी करने का नियम
करीब तीन साल पहले केंद्रीय ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद सरकारी अस्पतालों के साथ कुछ निजी अस्पतालों को भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। जिस अस्पताल में मृत्यु हुई, यदि उसे अधिकार मिला है तो प्रमाणपत्र वही जारी करेगा। नगर पालिका, नगर पंचायत उन मामलों में प्रमाणपत्र जारी करेंगी, जहां मौत घर पर हुई हो या उस अस्पताल को प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार न हो।
प्रमाणपत्र तभी जारी होगा, जब उसके लिए मृतक के परिवार का व्यक्ति आवदेन करता है, क्योंकि मृत्यु के समय अस्पताल सिर्फ डेथ स्लिप देते हैं सरकार से अधिकृत प्रमाणपत्र नहीं। डेथ स्लिप के आधार पर अस्पताल बाद में प्रमाण पत्र जारी करते है। बलरामपुर अस्पताल, पीजीआई, लोहिया, लोकबंधु अस्पताल, सिविल और केजीएमयू अपने यहां का जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करते हैं।
01 से 31 मार्च तक -3870
01 से 30 अप्रैल तक -4641
01 से 15 मई तक - 4802