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५० प्रतिशत छात्र संख्या के साथ खुलेंगे सकूल

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ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने को लेकर सरकार को प्रस्ताव सौंपने के बाद निजी स्कूलों के संगठन अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने 50 फीसदी छात्र संख्या के साथ स्कूल खोलने को लेकर एसओपी तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसे भी जल्द सरकार को सौंपा जाएगा।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ही एसओपी तैयार की जा रही है।
शुरू में केवल सीनियर सेक्शन के छात्रों को बुलाने का प्रस्ताव दिया है। छात्रों को दो भागों में विभाजित किया जाएगा।
जिन स्कूलों के पास संसाधन बेहतर हैं वे दो शिफ्ट में छात्रों को बुला सकते हैं। नहीं तो वे एक दिन छोड़कर बुला सकते हैं। इसके लिए स्कूलों को टाइम टेबल तैयार करना होगा।
आधे छात्र आएंगे तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी अच्छे से होगा। ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन पढ़ाई भी होगी।
छात्रों के लंच पीरियड नहीं होगा क्योंकि उन्हें तीन-तीन घंटे के लिए बुलाया जाएगा। ऑफलाइन के दौरान मुख्य विषयों जैसे गणित व विज्ञान की पढ़ाई कराई जाएगी।
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लैब में प्रैक्टिकल होंगे। प्रोजेक्ट वर्क कराए जाएंगे। छात्रों का इंटरनल असेसमेंट जरूरी है। मास्क और सैनिटाइजर सभी के लिए अनिवार्य होगा।
स्कूल परिसर को भी रोजाना सैनिटाइज किया जाएगा। सभी स्टाफ और छात्रों का रोजना थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्कूली वाहन के संचालन के लिए अभिभावकों से वार्ता के बाद तय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 15 दिन तक सीनियर सेक्शन के संचालन के बाद एसओपी का पालन करते हुए जूनियर और प्राइमरी छात्रों की कक्षाएं खोली जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अधिकांश शिक्षक व स्कूल स्टाफ का वैक्सीनेशन हो चुका है। ऐसे में अब पहले के मुकाबले खतरा काफी कम है।
जब तक बच्चों की वैक्सीन नहीं तब तक ऑफलाइन पढ़ाई नहीं
वहीं, अभिभावक संघ ने ऑफलाइन पढ़ाने के लिए स्कूल खोले जाने का विरोध किया है। अभिभावक विचार परिषद के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की चर्चाओं को देखते हुए अभिभावक डरे हुए हैं। वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए राजी नहीं हैं। अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे तब तक स्कूल न बुलाएं जब तक बच्चों की वैक्सीन नहीं आ जाती। बच्चों को वैक्सीन लगाने के बाद ही ऑफलाइन पढ़ाई शुरू कराई जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल शासन के जारी आदेश के बावजूद सभी मद में फीस वसूल रहा है। बढ़ोतरी भी की है। फीस वसूलने के लिए ही स्कूल खोला जा रहा है।
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