यूपी के करीब 1980 लोगों ने यूक्रेन से घर वापसी की गुहार लगाई है। इनमें बड़ी संख्या में छात्र हैं। इनमें से तीन फ्लाइट से अब तक 100 बच्चे आ चुके हैं। इनमें से 37 बच्चे सोमवार को लाए गए। प्रदेश सरकार इन लोगों व इनके परिजनों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी से बच्चों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की निशुल्क व्यवस्था की है।
अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 1980 लोगों की सूची प्रदेश सरकार से साझा की है। राज्य स्तर पर बनाया गया कंट्रोल रूम लगातार इन लोगों के संपर्क में है। वहां फंसे लोगों के परिजनों से बात कर उनकी कुशलक्षेम की जानकारी दी जा रही है। कंट्रोल रूम से यूक्रेन में फंसे लोगों को विभिन्न स्तर से जारी की जा रही एडवाइजरी पर लगातार नजर रखने और उसी के हिसाब से कदम उठाने को कहा गया है।
वीडियो मैसेज टैग कर लगाई जा रही मदद की गुहार
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र को निकालने के लिए यूपी पुलिस से मुदद मांगी जा रही है। इसके लिए यूपी पुलिस को लगातार ट्वीट आ रहे हैं। इसके जवाब में यूपी पुलिस यहां राज्य सरकार और भारत सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी जा रही है। रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान यूपी पुलिस को कई ऐसे ट्वीट किए गए, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के छात्र, जो यूक्रेन में फंसे हैं, वह मदद मांग रहे हैं।
सोशल मीडिया की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे अपर पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव बताते हैं कि इस मामले में यूपी पुलिस के पास करने के लिए कुछ नहीं है। पर, हम तो शासन को संबंधित ट्वीट बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कई सारे वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें कई वीडियो यूक्रेन में फंसे यूपी के छात्रों से संबंधित हैं। ऐसे वीडियो को भी यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल पर शेयर किया जा रहा है। पीयूष कुमार सिंह के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो यूपी पुलिस को टैग किया गया है, इसमें हापुड़ के फैसल और वाराणसी के कमल मदद की गुहार लगा रहे हैं। अनमोल सिंह ने प्रदेश के डीजीपी, गृह विभाग के ट्विटर हैंडल और लखनऊ के डीएम को टैग करते हुए वीडियो साझा किया है। इसमें एक छात्रा जो खुद को यूपी का बताते हुए मदद की गुहार लगा रही है।