फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गालब्लेडर में स्टोन की समस्या है तो भी ऑपरेशन जरूरी नहीं

Thu, 10 Mar 2016 05:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • दस में से तीन महिलाएं और एक पुरुष में गाल ब्लेडर स्टोन होने की आशंका
  • एक फीसदी में होती कैंसर होने की संभावना
विज्ञापन
गालब्लेडर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गालब्लेडर में स्टोन की समस्या आजकल आम हो गई है। अक्सर लोग स्टोन की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच समस्या से निजात पाना चाहते हैं। एक मिथ ये भी है कि स्टोन की समस्या सिर्फ ऑपरेशन से ही ठीक हो सकती है जबकि ऐसा नहीं है।
विज्ञापन


गालब्लेडर की समस्या होने पर ऑपरेशन तभी होगा जब स्टोन से पेट दर्द या गैस संबंधी समस्या हो रही हो। अगर अल्ट्रासाउंड जांच में स्टोन है लेकिन मरीज को कोई परेशानी नहीं है तो ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं।

दस में से तीन महिलाओं और एक पुरुष में गालब्लेडर स्टोन की आशंका होती है। महिलाओं में स्टोन की समस्या कर प्रमुख कारण हार्मोन का असंतुलन होता है।

लखनऊ पीजीआई के गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के प्रो. राजन सक्सेना कहते हैं,पेट संबंधी बीमारियां बहुत सामान्य हो गई हैं। पेट रोग से पीड़ित किस मरीज को किस स्तर का इलाज करना है इसकी जानकारी होना जरूरी है।
विज्ञापन


आजकल अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर रेडियोलॉजिस्ट ही मरीजों को स्टोन बता रहे हैं। मरीज भी तुरंत ऑपरेशन के लिए गैस्ट्रोसर्जन के पास पहुंचते हैं। लेकिन मरीज को परेशानी नहीं है तो आपरेशन की जरूरत भी नहीं है।
विज्ञापन

एक फीसदी में होती कैंसर की आशंका

गालब्लेडर - फोटो : amar ujala


प्रो. राजन ने बताया ‌कि गालब्लेडर स्टोन से पीड़ित एक फीसदी मरीज को कैंसर होने का खतरा रहता है लेकिन गालब्लेडर में स्टोन की जानकारी के बाद हर आदमी ऑपरेशन के लिए दौड़ लगाता है।

एक साल में पीजीआई में 200 गालब्लेडर कैंसर के मामले सामने आते हैं। अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट में गॉल ब्लेडर की वॉल मोटी या उसमें बदलाव दिख रहा है तो तुरंत ऑपरेशन की जरूरत है क्योंकि उसमें देर करना जान पर भारी पड़ सकता है।

गालब्लेडर की वॉल मोटी होने पर ही ऑपरेशन जरूरी होता है। गालब्लेडर में स्टोन की समस्या है तो भी ऑपरेशन जरूरी नहीं।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें