जसवंतनगर विधानसभा मुलायम सिंह यादव परिवार के लिए अपराजेय रही है। मुलायम सिंह यादव के पहलवानी के अखाड़े से राजनीति के माहिर खिलाड़ी बनने की आरंभिक गाथा का यह क्षेत्र ही साक्षी रहा है। वे 1967 में पहली बार जसवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुए। 69 में कांग्रेस के चौ. विशंभर सिंह यादव और 80 में बलराम सिह यादव विधायक का चुनाव जीते। बाकी 1996 तक हुए कुल चुनावों में सात बार मुलायम सिंह यादव ही विधायक निर्वाचित हुए। 96 में यह सीट उन्होंने अपने अनुज शिवपाल सिंह यादव को सौंप दी। विधानसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव ने जीत का जो सिलसिला शुरू किया, दूसरे दलों के लिए उसे तोड़ पाना अभी तक तो मुमकिन नहीं हो पाया है। भाजपा हो अथवा बसपा दोनों ने ही खूब जोर लगाया परंतु यहां सपा को हिला नहीं सके।
मुद्दे दरकिनार, जातीय समीकरण ही दिखाएंगे कमाल
जसवंतनगर सीट पर पारिवारिक सियासी विरासत के आगे मुद्दे दरकिनार हैं। लगातार एक ही परिवार के पास सीट होने की वजह से यहां पर जिले की दूसरी अन्य सीटों की तरह महंगाई, रोजगार, कानून-व्यवस्था और विधायक के प्रति नाराजगी जैसे मुद्दे नहीं हैं। हालांकि, जसवंतनगर के कोल्ड स्टोरेज व्यवसायी शिवांत मिश्रा कहते हैं, जो व्यक्ति समस्या का तुरंत हल करवा सकता हो और बुनियादी बातों पर गौर करे, उसी को यहां से चुना जाएगा। वहीं, सरसई नावर निवासी मोहम्मद रफीक कहते हैं, हम इस बार किसानों की समस्यायों को ध्यान में रखकर ही मतदान करेंगे।
2017 विस चुनाव का परिणाम
शिवपाल सिंह यादव, सपा 1,26,834
मनीष यादव पतरे, भाजपा 74,218
दुर्वेश कुमार शाक्य, बसपा 24,509
जगपाल सिंह यादव, रालोद 1145