मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद शुक्रवार को अपने पहले कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक की। इसमें विधानसभा सामान्य निर्वाचन में भाजपा को अपार जन समर्थन के लिए जनता जनार्दन का अभिनंदन करते हुए आभार प्रकट किया गया। कैबिनेट ने नेतृत्व व मार्गदर्शन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। इसी बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर अपनी सरकार का इस्तीफा सौंपने का फैसला हुआ।
मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रदेश की जनता ने न केवल भाजपा की नीतियों में विश्वास जताया बल्कि प्रचंड बहुमत देकर प्रदेश में सरकार के गठन का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है। जनता ने अन्य दलों को यह संदेश भी दे दिया है कि अब प्रदेश में विकास व सुशासन के अलावा खोखले नारों, जातिवाद एवं परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि सुरक्षा, सुशासन, विकास और गरीबों के सशक्तीकरण के संकल्प के साथ प्रदेश में भाजपा की सरकार ने 19 मार्च, 2017 को कार्यभार ग्रहण किया था। प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर अमल करते हुए पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराते हुए बिजली, पेयजल, स्वच्छता, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं व विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास किया। कृषि, अवस्थापना विकास, उद्योग, रोजगार सृजन तथा समाज के सभी कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से प्रदेश में सकारात्मक बदलाव आया है।