इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी जल निगम में भर्ती में कथित धांधली के एक केस में आरोपी प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां को शुक्त्रस्वार को जमानत दे दी। कोर्ट ने जमानत अर्जी को यह कहते हुए मंजूर किया कि उनके खिलाफ कुल 87 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। आजम को इस मामले सहित दो मामलों को छोड़कर सभी केसों में जमानत पर रिहा किया गया है।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने यह आदेश आजम की जमानत अर्जी पर दिया। अभियोजन के मुताबिक जल निगम में 1300 रिक्त पदों पर नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर एक शिकायत पर मामले की जांच विशेष जांच दल को सौंपी गई थी। दरअसल, वर्ष 2016 में जल निगम में सहायक अभियंता समेत कुल 1300 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुए थे। इनकी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर आजम व अन्य पर कई आरोप भी लगे थे। कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर बगैर कोई राय व्यक्त किए जमानत अर्जी शर्तों के साथ मंजूर कर ली।