हिंदुत्व के नायक कल्याण सिंह के निधन पर अलग-अलग दलों के नेताओं ने प्रतिक्रया दी और श्रद्घांजलि दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि कल्याण सिंह सिर्फ एक जाति के नेता नहीं थे। वो किसानों, पिछड़ों व वंचितों के नेता थे। वह एक राष्ट्रीय नेता थे। यह मेरे लिए एक निजी नुकसान की तरह है। हमने एक साथ लाठी और गोलियों का सामना किया। उनकी कमी को पूरा करना बेहद मुश्किल होगा।
पूर्व भाजपा नेता गोविंदाचार्य ने कहा कि कल्याण सिंह भाजपा के कद्दावर नेता थे। पिछड़े वर्गों को पार्टी से जोड़ने में उनका अहम योगदान था। राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका सर्वविदित है। रामभक्त और भाजपा के लोग उन्हें सदैव याद रखेंगे।
पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें श्रद्घांजलि देते हुए कहा कि मेरे ज्येष्ठ सहयोगी व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु से उत्तर प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। लड़ाकू कद्दावर जननेता के रूप में वह हमेशा याद रहेंगे। उनको भावभीनी श्रद्धांजलि।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कल्याण सिंह का निधन भारतीय राजनीति के एक युग का अंत है। उन्होंने सदैव गरीब, वंचित वर्ग के कल्याण व अधिकारों के लिए संघर्ष किया। पर आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताते हुए इसे राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता व जनसेवा के पर्याय, अप्रतिम संगठनकर्ता और मुख्यमंत्री के रूप में उनकी सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह एक वरिष्ठ एवं अनुभवी राजनेता थे। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका अग्रणी थी और राम मंदिर निर्माण को लेकर उनका अटूट विश्वास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ने समाज के गरीब, कमजोर, शोषित और वंचित वर्ग के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञ के रूप में उनकी उपलब्धियां सभी के लिए प्रेरणादायी है। कल्याण सिंह के निधन से भारतीय राजनीति में कमी को न भरा जा सकने वाला बड़ा शून्य पैदा हो गया है।