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लखनऊ: बालू अड्डा में डायरिया नहीं कालरा, केजीएमयू की रिपोर्ट में खुलासे के बाद हड़कंप

Sat, 14 Aug 2021 04:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बालू अड्डा इलाके के 46 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। पहले कहा गया कि डायरिया की वजह से मौतें हुईं हैं, लेकिन अब जब स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने इसकी जांच की तो विब्रियो कॉलरी बैक्टीरिया के संक्रमण की पुष्टि हुई।
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केजीएमयू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बालू अड्डा में डायरिया नहीं कालरा फैला है। केजीएमयू की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि विब्रियो कॉलरी बैक्टीरिया ने ही बालू अड्डा में मासूम समेत दो लोगों की जान ली थी। इसके साथ ही अब इलाके में बीमार करीब 150 लोगों के इलाज की दिशा भी बदल गई है। साथ ही इसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

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बालू अड्डा इलाके के 46 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। पहले कहा गया कि डायरिया की वजह से मौतें हुईं हैं, लेकिन अब जब स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने इसकी जांच की तो विब्रियो कॉलरी बैक्टीरिया के संक्रमण की पुष्टि हुई। दोनों ने सात मरीजों के स्टूल का नमूना लिया था। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल का कहना है कि जांच में विब्रियो कॉलरी बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। साफ-सफाई रखकर इससे बचा जा सकता है।

20 नए मरीज मिले, पांच भर्ती
बालू अड्डा में शुक्रवार को उल्टी-दस्त के 20 नए मरीज मिले। इनमें से 15 को तो ओपीडी में इलाज देकर लौटा दिया गया, लेकिन पांच को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद इलाके के संदीप (27), ज्योति (21), रीना (38) व दो अन्य को सिविल भेजा गया। वहीं, सिविल अस्पताल में भर्ती इलाके के मरीजों में से 31 को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब 15 मरीज ही भर्ती हैं। सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया मरीजों के ठीक होने का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।

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नालियों से गुजर रहीं पेयजल लाइनें हटेंगी

बालू अड्डा में गंदे पानी से बीमारी फैलने के बाद अब शहर में नाला-नाली के अंदर से जा रहीं पीन के पानी की पाइप लाइनों को हटाया जाएगा और जर्जर लाइन बदली जाएंगी। इनकी स्थिति के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन रंग की कोडिंग होगी। 10 से 15 दिन में यह काम पूरा किया जाएगा। महापौर संयुक्ता भाटिया ने समीक्षा बैठक में जलकल महाप्रबंधक को इसके निर्देश दिए। साथ ही बालू अड्डा मामले की जांच जल्द पूरी कर जिम्मेदारी तय करने को कहा।

इसके अलावा महापौर ने हर वार्ड में लगे सबमर्सिबल पंप व टंकियां सफाई कराने के निर्देश जलकल व नगर निगम के अधिकारियों को दिए। उन्होंने पूरे शहर में पेयजल के नमूने लेकर जांच करने व जहां पानी दूषित मिले वहां टैंकर लगाने के निर्देश दिए। महापौर ने जोनल अधिकारियों से कहा कि सभी पड़ाव घरों को साफ किया जाए। इनमें दो घंटे से अधिक कूड़ा डंप न रहे। कूड़ा उठाने के बाद चूने का छिड़काव किया जाए।
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