कोरोना के चलते पिछले छह माह से बंद चल रही अयोध्या की अनवरत रामलीला का मंचन एक अक्तूबर से दोबारा शुरू होने जा रहा है, लेकिन इस बार अनवरत रामलीला मंचन का स्वरूप बदला नजर आएगा। इससे पहले जहां रामलीला का मंचन अयोध्या शोध संस्थान के सभागार में होता था, लेकिन अब ओपेन रामलीला मंचन की तैयारी है।
इसकी वजह यह है कि जिस सभागार में रामलीला का मंचन होता था, उसका पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में संस्थान ने ओपेन रामलीला मंचन शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
2003 से संचालित अनवरत रामलीला का मंचन 21 मार्च को कोरोना महामारी के चलते बंद करना पड़ा था। मंचन बंद होने से रामलीला कलाकारों के समक्ष संकट खड़ा हो गया था। अब चूंकि लॉकडाउन समाप्त हो गया है, इसलिए संस्कृति विभाग ने पुन: अनवरत रामलीला मंचन प्रारंभ कराने की योजना बनाई है।
इसके लिए अयोध्या शोध संस्थान द्वारा जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अनवरत रामलीला मंचन की अनुमति देने की मांग गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि चूंकि अयोध्या शोध संस्थान के सभागार में निर्माण कार्य के चलते रामलीला नहीं हो सकती, इसलिए ओपेन रामलीला कराने की अनुमति दी जाए।
इसके लिए रामकथा संग्रहालय और रामकथा पार्क को चुना गया है। संभावना है कि रामकथा पार्क में ही एक अक्तूबर से पुन: अनवरत रामलीला मंचन का प्रारंभ होगा। मंचन कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए शुरू किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारी रामतीरथ ने बताया कि लॉकडाउन के कारण अनवरत रामलीला मंचन पिछले छह माह से बंद था। अब चूंकि सरकार की एडवाइजरी के मुताबिक एक निश्चित मानक के अनुसार धार्मिक आयोजन किए जा सकते हैं।
इसलिए अनवरत रामलीला मंचन फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस बार ओपेन रामलीला होगी। इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही एक अक्तूबर से फिर से रामलीला का मंचन प्रारंभ करा दिया जाएगा।