लखनऊ में चारबाग से निशातगंज तक के रूट को पीक आवर में जाम मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को नए सिरे से सेट किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, इस रूट पर पड़ने वाले किसी भी चौराहे पर यातायात रोके बिना स्टॉपेज टाइम को 20 सेकंड कम कर 180 सेकंड किया जाएगा।
यह सहमति बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त महेश कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में शहर को जाम मुक्त बनाने को लेकर आयोजित बैठक में संबंधित विभागों से चर्चा के बाद बनी।
इस दौरान पुणे में यातायात सुधार पर कार्य कर चुकी नोयडा बेस मेड्यला सॉफ्ट टेक्नालॉजी कंपनी ने हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए तैयार पायलट प्रोजेक्ट का परीक्षण भी किया।
अब दो माह में कंपनी को चारबाग से निशातगंज रूट पर ट्रैफिक सिग्नल को अपडेट कर पीक आवर में मोटराइज्ड व नॉन मोटराइज्ड ट्रैफिक के आधार पर सिस्टम को सुगम तरह से संचालित कराने का प्रोजेक्ट तैयार कर देने को कहा गया है।
ऑफिस टाइम में इस तरह ट्रैफिक होगा मैनेज
मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ को निर्देश दिया कि पायलट प्रोजेक्ट में पांच अलग-अलग टाइम ऑवर को ध्यान में रखा जाए। इसके तहत हजरतगंज सहित प्रमुख चौराहों पर पीक आवर के पहले, इसके बाद, दोपहर, शाम का पीक ऑवर और इसके बाद के समय को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक सिगनल टाइमिंग में सुधार किया जाए।
साथ ही सिंक्रोनाइजेशन और जिओमैट्रिक इंप्रूवमेंट के आधार पर सभी चौराहों के ट्रैफिक सिगनल व्यवस्थित किए जाएं।
अपर महानिदेशक, यातायात अनिल कुमार अग्रवाल ने कंपनी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित ट्रैफिक सुधार प्रोजेक्ट में प्रमुख मार्गों को मोटराइज्ड व नॉन मोटराइज्ड ट्रैफिक के आधार पर व्यवस्थित कराया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि डेढ़ माह पहले हुई बैठक के बाद सुशीला देवी स्मृति वाटिका, गोखले मार्ग, पेपर मिल तिराहा, निशातगंज पुलिस चौकी गली नंबर एक की रोड कटिंग, लोहिया पथ पर विश्वास खंड कटिंग गोमती नगर, आलमबाग गुरुद्वारा, बौद्ध विहार मार्ग और नीलगिरी चौराहे की रोड कटिंग को तत्काल प्रभाव से अस्थायी तौर पर बंद कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। उन्होंने इसमें शिथिलता बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
ऐसे पटरी पर आएगा ट्रैफिक सिस्टम
मेड्यूला सॉफ्ट टेक्नोलॉजीज के चीफ टेक्नोक्रेट राजीव दिनेश ने बताया कि हजरतगंज सहित इस रूट के छह अन्य प्रमुख चौराहों का सर्वे कर पूरा मूवमेंट मैप तैयार किया गया है।
इसमें पीक आवर से लेकर अलग-अलग समय के ट्रैफिक लोड सड़क की क्षमता, यातायात के तौरतरीके, ट्रैफिक कंजेशन और एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाले ट्रैफिक के समय डाटा को इकट्ठा किया गया है।
इसके आधार पर प्रमुख चौराहों का एक्स-रे प्रिंट सिम्युलेशन के जरिए बनाया जाएगा। इसमें ट्रैफिक सिगनल की टाइमिंग में सुधार के साथ सभी रोड ट्रैफिक सिग्नल को का सिंक्रोनाइजेशन, ऑटो टेंपो और नॉन मोटराइज्ड ट्रैफिक प्रबंध, चौराहों के रोड इंजीनियरिंग में सुधार, पैदल यात्रियों के लिए सिगनल लाइट संबंधी सुझाव को यातायात पुलिस के साथ मिलकर शामिल किया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट दो माह में तैयार कर कमिश्नर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।