प्रदेश में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य और अध्यापकों के तबादले भी ऑनलाइन होंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य व अध्यापकों की तबादला नीति जारी कर दी।
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प्रधानाचार्यों और अध्यापकों को अब तबादले के लिए एक-दूसरे स्कूल के प्रबंधन से एनओसी लेने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। अध्यापकों के विषय में स्कूल का परीक्षा परिणाम अच्छा होने पर उन्हें तबादलों में वरियता दी जाएगी।
संस्था के प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के पारस्परिक स्थानांतरण को वरीयता दी जाएगी। शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए ऑनलाइन तबादला आवेदन 1 से 15 मार्च तक किए जाएंगे।
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तबादला नीति के तहत तबादलों में ऐसे प्रधानाचार्य व अध्यापक जिनके पति या पत्नी सेना, अर्द्धसैनिक बलों में तैनात हैं, उन्हें वरीयता दी जाएगी। कैंसर, एचआईवी, किडनी, लीवर रोग से ग्रस्त प्रधानाचार्य व अध्यापक को भी वरीयता दी जाएगी।
31 से 58 वर्ष की आयु के प्रधानाचार्य व अध्यापकों के साथ जिनके पति या पत्नी दोनों सरकारी सेवा या सहायता प्राप्त स्कूल में अलग-अलग जिलों में कार्यरत है उन्हें भी वरीयता दी जाएगी।
ऑनलाइन तबादलों के लिए जिलावार, विद्यालयवार, विषयवार और आरक्षणवार रिक्त पदों का विवरण वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। आवेदक को रिक्त पदों में से वरीयता के क्रम में पांच विकल्प देने होंगे। आवेदन पत्रों में से निर्धारित मानक और गुणांक के आधार पर अधिक गुणांक प्राप्त करने वाले प्रधानाचार्य या अध्यापकों का ऑनलाइन तबादला किया जाएगा।
एक से अधिक आवेदक के गुणांक समान होने पर उनमें से अधिक आयु वाले को प्राथमिकता दी जाएगी। आयु भी समान होने पर अधिक सेवा देने वाले आवेदक को वरीयता दी जाएगी।
विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने बताया कि हर वर्ष स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 से 31 जनवरी के बीच किए जाएंगे। इस शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए आवेदन 1 से 15 मार्च तक किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अध्यापक जिस विद्यालय से स्थानांतरण के लिए आवेदन करेंगे वहां उस विषय का अतिरिक्त अध्यापक उपलब्ध होने पर ही तबादला किया जाएगा। स्थानांतरण के कारण संबंधित विषय के अध्यापक का पद रिक्त नहीं रखा जाएगा।
पद विज्ञापित हुआ तो नहीं होगा तबादला
अध्यापक की ओर से जिस विषय के लिए स्थानांतरण का आवेदन किया जाएगा वह माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड या उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापित नहीं होना चाहिए।
पद रिक्त हो, छात्र संख्या भी पूरी हो
अध्यापक जिस पद के लिए आवेदन करेंगे वह स्थायी और रिक्त होना अनिवार्य है। साथ ही विद्यालय में छात्र शिक्षक अनुपात में विद्यार्थी उपलब्ध होने पर ही तबादला किया जाएगा।
ऑफलाइन भी होंगे तबादले
तबादला नीति में विशेष परिस्थिति में ऑफलाइन तबादले का भी प्रावधान रखा गया है। ऑफलाइन तबादले शासन स्तर से ही किए जाएंगे।
महत्वाकांक्षी जिलों में नहीं होगा तबादला
प्रदेश के सोनभद्र, चंदौली, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, फतेहपुर, चित्रकूट और सिद्धार्थनगर में किसी भी प्रधानाचार्य व अध्यापक को अन्य जिले में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
ये है गुणांक
- जिन प्रधानाचार्यों व अध्यापकों के पति या पत्नी भारतीय सेना, नौ सेना और वायु सेना या अर्द्धसैनिक बलों में तैनात है - 100
- कैंसर, एचआईवी, किडनी, लीवर के गंभीर रोग से ग्रस्त प्रधानाचार्य व अध्यापक - 100
- 31 से 58 वर्ष की आयु के प्रधानाचार्य व अध्यापक -100
- प्रधानाचार्य व अध्यापक जिनके पति या पत्नी सरकारी सेवा में या सहायता प्राप्त विद्यालय में अलग-अलग जिले में कार्यरत हो। - 100
ये हैं सहायक मानक - गुणांक
- आवेदक 40 से 60 प्रतिशत दिव्यांग होने पर - 10
- 80 प्रतिशत दिव्यांग होने पर - 15
- 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग होने पर - 20
- आवेदक की पत्नी, पति या बच्चे किसी दुर्घटना में शारीरिक रूप से अपंग, दिव्यांग होने पर - 10
- आवेदक की पत्नी, पति या बच्चे कैंसर, किडनी, लीवर, एचआईवी रोग से ग्रसित होने पर - 10
- राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य व अध्यापक - 10
- विधवा या तलाकशुदा प्रधानाचार्य व अध्यापिका - 10
- विधुर प्रधानाचार्य व अध्यापक, जिन्हें अव्यस्क आश्रित बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है - 10 अंक
- महिला प्रधानाचार्य या अध्यापिका - 10 अंक
- अध्यापक जो विषय पढ़ाता है उसमें गत वर्ष का परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से अधिक होने पर - 10
- अध्यापक जो विषय पढ़ाता है उसमें गत वर्ष का परीक्षा परिणाम 60 से 80 प्रतिशत होनेपर - 05 अंक