सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टावर संख्या टी-16 तथा टी-17 को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। साथ ही दोषी अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा था।
नोएडा के बहुचर्चित सुपरटेक घपले में चार सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ मोहिंदर सिंह व एसके द्विवेदी और एसीईओ आरपी अरोड़ा व पीएन बाथम को उच्चस्तरीय कमेटी पहले ही दोषी ठहरा चुकी है। अब औद्योगिक विकास विभाग सिविल सर्विसेज रूल्स के तहत इन पर कार्रवाई के लिए नियुक्ति विभाग को पत्र लिख रहा है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टावर संख्या टी-16 तथा टी-17 को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। साथ ही दोषी अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आईआईडीसी संजीव मित्तल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने 4 आईएएस समेत 26 अफसरों की संलिप्तता बताई थी।
हो सकती है रिकवरी
सिविल सर्विसेज रूल्स की धारा-351 (ए) के तहत रिटायरमेंट से चार साल के भीतर विभाग खुद अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। इसमें पेंशन से नुकसान की राशि की रिकवरी का भी प्रावधान है। चार साल के बाद सिविल सूट के जरिये यह काम किया जाता है।