हाई-वे के आसपास तेजी से विकसित होते इलाकों व बाजार में जमीन व दुकान खरीदना 15 से 20 फीसदी तक महंगा हो सकता है। नए सर्किल रेट की दर तय करने में जुटी टीमों ने प्रारंभिक सर्वे के बाद इन इलाकों से जुड़ी संपत्तियों के मौजूदा सर्किल रेट को बाजार दर के करीब लाने के संकेत दिए हैं।
राजस्व-निबंधन व स्टांप विभाग की टीमें अपनी रिपोर्ट 30 अक्तूबर तक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थायी समिति को सौंपेंगी। एक तरफ जहां सर्किल रेट की नई दरों से संपत्ति खरीदना महंगा होगा, वहीं सर्वे टीम से जुड़े कुछ अफसर बताते हैं कि नई दरें उद्योग व व्यावसायिक क्षेत्र के लोगों को राहत देने की तैयारी है।
इसके तहत दुकान, गोदाम स्कूल से जुड़ी भूसंपत्तियों की वर्तमान निर्माण दरों में 2 से 5 फीसदी तक कमी का संकेत है। निर्माण दरों में कमी का फायदा यह होगा कि संपत्तियों की खरीद फरोख्त के बाद निबंधन कराना सस्ता होगा। निबंधन विभाग का कहना है कि फिलहाल निर्माण दर में छूट की राहत सिर्फ स्थानीय व क्षेत्रीय बाजार में ही मिलेगी।
इसमें एसी मार्केट, कॉम्प्लेक्स व मॉल की दुकानें शामिल नहीं हैं। स्थानीय व क्षेत्रीय बाजार में एक मंजिल से ऊपर की दुकानों के सर्किल रेट भी भूतल व प्रथम तल की दुकानों से 3 से 6 फीसदी तक कम रखने की संस्तुति की तैयारी है।