यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी इस पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिन्ना का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ लेकर करोड़ों राष्ट्रवादी लोगों का अपमान किया है।
एक बयान में उन्होंने कहा कि कहां सरदार पटेल की देश को जोड़ने वाली नीति और कहां जिन्ना की देश तोड़ने वाली मानसिकता। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय अगर सरदार पटेल की बात मान ली जाती तो कश्मीर की समस्या नहीं खड़ी होती। इस समस्या को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ठीक कर रहे हैं।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा अखिलेश के ऐसे बयानों को लेकर आश्चर्य भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनकी पार्टी की नीति तो हमेशा से तुष्टिकरण की रही है। अब जब प्रदेश विधान सभा के चुनाव नजदीक हैं, तब उन्हें जिन्ना का नाम लेना ही था।
उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराध पर अखिलेश की कोई भी टिप्पणी हास्यास्पद ही होगी। यह सब जानते हैं हैं कि जनता ने 2017 में सपा सरकार को गुंडागर्दी और माफिया को संरक्षण देने के चलते ही बेदखल कर दिया था।