मायावती के शासनकाल में लखनऊ और नोएडा में हुए स्मारक घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा एक बार फिर विजिलेंस के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने विजिलेंस के अधिकारियों को एक बार फिर मेडिकल सर्टिफिकेट भेज कर बीमार होने का हवाला दिया है। उन्होंने पेश होने के लिए अगली तारीख की मांग की है।
जानकारी के अनुसार बाबू सिंह कुशवाहा से पूछताछ के लिए स्मारक घोटाले की विवेचना कर रहे अधिकारी ने सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार की थी। इसके लिए 50 से अधिक फाइलों को खंगाला जा चुका है। यह दूसरा मौका है जब तय तारीख पर बाबू सिंह कुशवाहा विजिलेंस के सामने पेश नहीं हुए। इससे पहले 20 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उस समय भी बीमारी का हवाला देकर कुशवाहा ने आने से मना कर दिया था और अगली तारीख मांग ली थी। इसी मामले में पिछले महीने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी से पूछताछ हो चुकी है।
बता दें कि मायावती शासनकाल के दौरान 2007 से 2012 के बीच लखनऊ और नोएडा में स्मारकों के निर्माण में घोटाला हुआ था। इसकी जांच लोकायुक्त ने भी की थी और 1400 करोड़ रुपये के घोटाले का अनुमान लगाया था। उस समय बाबू सिंह कुशवाहा खनिज एवं भूतत्व मंत्री थे जबकि नसीमुद्दीन सिद्दीकी लोक निर्माण विभाग के मंत्री थे।