बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उप्र विधानमंडल का मानसून सत्र संक्षिप्त होने के बावजूद केवल औपचारिकता पूरी करने वाला न हो। इसको सही से प्रदेश व जनहित में उपयोगी बनाना जरूरी है। इसके लिए सरकार एवं विपक्ष को अपने राजनीतिक स्वार्थ, द्वेष व कटुता को त्याग कर आगे बढ़ना होगा।
बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को जारी अपने बयान में कहा कि संसद का मानसून सत्र भी शांतिपूर्ण तरीके से नहीं चलने से वह जन अपेक्षा के अनुसार सही से कार्य नहीं कर पा रहा है। जनता व देश के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा नहीं हो पाने से लोगों में चिंता स्वाभाविक है। वैसे भी भारतीय व्यापार पर भारी अमेरिकी टैरिफ से अर्थव्यवस्था व विकास पर जो बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इस पर संसद में सही चिंतन करने की जरूरत है, क्योंकि यह देश के अच्छे दिन से जुड़ा मुद्दा है। इसे हल्के में लेकर देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता है। सरकार व विपक्ष दोनों इस पर ध्यान दें। साथ ही मतदाता, मतदाता सूची तथा उसके रिवीजन एवं ईवीएम आदि से संबंधित देश, जनहित एवं लोकतंत्र से जुड़े मामलों में जो बातें चल रही हैं, उन संदेहों को जल्द दूर करना बेहतर होगा।