मायावती ने कहा कि उन्हें अपने दलित वोटरों पर नाज है। पिछले चुनाव में भाजपाइयों ने उन्हेें खूब खिचड़ी खिलाई। भले ही वे उस खिचड़ी को अपने घर से बनाकर ले जाते हों क्योंकि उन्हें तो दलितों के घर की बनी खिचड़ी पसंद नहीं। खूब हथकंडे आजमाए। कांग्रेस ने भी ऐसा ही किया पर दलित अटल रहे। उन्होंने बसपा को ही वोट किया। कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को भले ही सीटें कम मिली हों पर उसका वोट प्रतिशत सपा से भी ज्यादा रहा था।
मानसून सत्र में उठाएंगे किसानों आदि के मुद्दे
मायावती ने कहा कि किसान काफी समय से किसान बिल पर धरना दे रहे हैं पर सरकार नहीं सुन रही है। महंगाई आसमान छू रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। इस सरकार में जातिगत व धार्मिक उत्पीड़न हो रहा है। ऐसे ही तमाम मुद्दोें को संसद के मानसून सत्र मेें उठाया जएगा। उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा के खिलाफ पूरे विपक्ष को एकजुट होना चाहिए।