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यूपी चुनाव: मायावती बोलीं- भाजपा को वोट देकर पछता रहे हैं ब्राह्मण, फिर बसपा से जुड़ जाएं

Sun, 18 Jul 2021 07:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपाइयों व कांग्रेसियों ने दलितों को पिछले चुनाव में बहकाने की खूब कोशिश की थी और उनके साथ खूब खिचड़ी खाई और खिलाई लेकिन उन्हें दलितों पर गर्व है क्योंकि दलित उनके बहकावे में नहीं आए।
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बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण बीजेपी के बहकावे में आ गए और एकतरफा वोट देकर भाजपा की सरकार बनवा दी लेकिन अब वे पछता रहे हैं। सब जानते हैं कि उन पर इस सरकार में कितनी ज्यादती हुई। आने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को फिर से बसपा के साथ आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए बसपा 23 जुलाई से अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत कर रही है।

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रविवार को लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मायावती ने खास तौर पर ब्राह्मणों पर फोकस किया । उन्होंने कहा कि तमाम हथकंडे अपनाकर भाजपा ने पिछले चुनाव में ब्राह्मणों को अपने पक्ष में कर लिया और ब्राह्मण भी उनके बहकावे में आ गए और एक तरफा वोट किया। भाजपा की सरकार बना दी पर अब पछता रहे हैं क्योंकि यह सब जानते हैं कि इस सरकार में ब्राह्मणों पर कितनी ज्यादती हुई है।

अब समय आ गया है कि ब्राह्मण फिर से बसपा के साथ जुड़ जाएं क्योंकि 2007 के चुनाव में ब्राह्मण बसपा के साथ जुड़े थे और प्रदेश में बसपा की सरकार बन गई थी। बसपा ने भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा था । उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए बसपा महासचिव एवं सांसद सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में अभियान शुरू हो रहा है। इसका आगाज 23 जुलाई को अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन से होगा। कहा कि ब्राह्मण आखिर कांग्रेस और भाजपा पर कितना भरोसा करेंगे। अब समय आ गया है कि इन दोनों को ही तिलांजलि दे दी जाए। अपने मान, सम्मान एवं तरक्की के लिए उन्हें बसपा में आना ही चाहिए।

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दलितों पर गर्व, भाजपा कांग्रेस ने खूब खिचड़ी खिलाई पर वोट नहीं दिया

मायावती ने कहा कि उन्हें अपने दलित वोटरों पर नाज है। पिछले चुनाव में भाजपाइयों ने उन्हेें खूब खिचड़ी खिलाई। भले ही वे उस खिचड़ी को अपने घर से बनाकर ले जाते हों क्योंकि उन्हें तो दलितों के घर की बनी खिचड़ी पसंद नहीं। खूब हथकंडे आजमाए। कांग्रेस ने भी ऐसा ही किया पर दलित अटल रहे। उन्होंने बसपा को ही वोट किया। कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को भले ही सीटें कम मिली हों पर उसका वोट प्रतिशत सपा से भी ज्यादा रहा था। 





मानसून सत्र में उठाएंगे किसानों आदि के मुद्दे
मायावती ने कहा कि किसान काफी समय से किसान बिल पर धरना दे रहे हैं पर सरकार नहीं सुन रही है। महंगाई आसमान छू रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। इस सरकार में जातिगत व धार्मिक उत्पीड़न हो रहा है। ऐसे ही तमाम मुद्दोें को संसद के मानसून सत्र मेें उठाया जएगा। उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा के खिलाफ पूरे विपक्ष को एकजुट होना चाहिए। 
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