राजधानी की सर्दी पहाड़ों को भी मात दे रही है। सोमवार को जब लोग सोकर उठे तो खुद को इस सीजन की अभी तक के सबसे ठंडी सुबह में पाया।
दरअसल, रात भर 8 से 11 किमी की रफ्तार से चले बर्फीले पछुआ हवा के झोंकों से दिन का न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस के नीचे चला गया।
ये 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
वहीं, रविवार को रिकॉर्ड किए गए 5.2 डिग्री सेल्सियस से 3.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सोमवार को हिल स्टेशन शिमला का न्यूनतम पारा लखनऊ से अधिक 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
सुबह घर के भीतर रजाइयों में सो रहे लोगों को लुढ़के पारे का अहसास भले ही न हुआ हो, लेकिन सुबह मॉर्निंग वाक पर निकले शहरियों को कड़ाके की ठंड ने खूब कंपाया।
बर्फीले झोंकों से सिहरते रहे लोग
हांड़ कंपाती ठंड से लोगों को राहत तब मिली, जब चंद घंटे बाद धूप ने उन्हें गुनगुना किया। हालांकि रुक-रुक कर चल रहे पछुआ हवा के बर्फीले झोंकों से लोग सिहराते रहे। दिन का अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
ये सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं, शाम को सूरज के ढलते ही गलन ने फिर शहरियों को फिर ठिठुराया।
लोग सिर से पैर तक मफलर, कैप, दस्तानों से ढके दिखे। पिछले साल भी 30 दिसंबर को दिन का न्यूनतम पारा धड़ाम हुआ था और शून्य के करीब जा पहुंचा था।
तब तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक इससे पहले 30 दिसंबर 1973 को अमौसी एयरपोर्ट स्थित केंद्र पर न्यूनतम पारा 0.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।
आज बारशि के साथ बदली
नये साल के जश्न में बादल, बदली के बीच बारिश दस्तक दे रही है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि पहाड़ों से टकराकर लौटती हवाओं ने पारा गिराया है। अगले 24 से 36 घंटों में राजधानी समेत आसपास के इलाकों में बादलों की लुकाछिपी की संभावना है।
राजधानी से सटे कुछेक इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी भी हो सकती है। उतार-चढ़ाव के बीच गलन भरी ठंड और तेवर दिखाएगी।