मृतक युवक अमन व विलाप करते परिजन।
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अमन पार्क के पास टहलने गए थे। दोस्त मिल गया तो वहीं पर बैठ गए। कुछ देर बाद पीआरवी (यूपी 32 डीजी 4830) से पुलिसकर्मी आए। घेराबंदी की और अमन को पकड़कर पीटने लगे। गालियां देकर उन्हें ले गए। पिटाई से जब वह बेहोश हो गए तो घबराकर पुलिसवाले उन्हें अस्पताल ले गए। वहां अमन को मृत घोषित कर दिया गया।
ये गंभीर आरोप अमन की पत्नी रोशनी ने एफआईआर में लगाए हैं। केस में एससीएसटी एक्ट भी लगा है। रोशनी ने तहरीर में लिखा कि प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें बताया कि पिटाई करने में सिपाही शैलेंद्र सिंह की मुख्य भूमिका रही। अन्य पुलिसवालों ने उसका साथ दिया और अमन को पीटा। रोशनी का कहना है कि जब पुलिस पहुंची थी तो पार्क में जुआ खेलने वाले भाग गए थे। अमन जुआ खेल रहे होते तो वह भी भाग जाते। पुलिस ने बेवजह उन्हें पकड़ा।
जागरण की पर्ची काट रहे थे
रोशनी ने बताया कि शुक्रवार रात जब अमन घूमने निकले थे, तब वह देवी जागरण के लिए पर्चियां भी काट रहे थे। उनके दोस्त सोनू की बेटी का रविवार को जन्मदिन था, जिसका आयोजन पार्क में होना था। इसे लेकर दोनों बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पुलिसवाले पहुंचे थे। परिजनों ने बताया कि अमन जुआ नहीं खेलते थे। वह इलेक्ट्रीशियन थे और वही परिवार चलाते थे। बेटी अनाया का 28 अक्तूबर को चौथा जन्मदिन है। परिजनों के मुताबिक अमन को आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
...तो माफी मांगने लगे पुलिसकर्मी
परिजनों ने बताया कि जब अमन की मौत हो गई, तब पुलिसवाले उनसे माफी मांग रहे थे। कह रहे थे कि उनसे गलती हो गई है। परिजनों का कहना है कि इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि पुलिसवालों ने अमन के साथ क्या बर्ताव किया होगा। आरोप लगाया कि शायद वसूली करने के लिए अमन को उठाया था।