थाना क्षेत्र संग्रामपुर के गांव शनिचरा निवासी अर्जुन प्रजापति दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। अर्जुन के पिता के मुताबिक इन दिनों उसकी शादी की चर्चा चल रही थी। इसी सिलसिले में वह सात दिन पूर्व दिल्ली से घर आया था। रविवार शाम करीब सात बजे अर्जुन दरपीपुर में एक रिश्तेदार के यहां जाने की बात कहकर घर से निकला था। कालिका प्रसाद की मानें तो अर्जुन बताई गयी रिश्तेदारी में नहीं पहुंचा था।
सोमवार सुबह उन्हें घटना की जानकारी हुई। पिंकी और अर्जुन के संबंधों की परिवारीजनों को कुछ जानकारी नहीं है। राजगीर का काम करने वाले कालिका प्रसाद प्रजापति की चार संतानों में अर्जुन सबसे बड़ा था। वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर पिता का हाथ बंटाता था। अर्जुन के खुदकुशी करने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिवारीजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था।